MP NEWS : मऊगंज/सीहोर: मध्य प्रदेश के नवगठित मऊगंज जिले में एक बार फिर पुलिस प्रशासन की कथित लापरवाही ने कानून-व्यवस्था को बेकाबू कर दिया। हनुमना थाना क्षेत्र के कोनी गांव में एक सप्ताह पहले हुई हिंसक झड़प में गंभीर रूप से घायल छोटेलाल कुशवाहा की इलाज के दौरान मौत हो गई।
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MP NEWS : मृतक का शव लेकर आए गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने हनुमना थाने का घेराव कर दिया और शव को थाने के ठीक सामने सड़क पर रखकर घंटों तक चक्का जाम किया। भीड़ ने पुलिस प्रशासन और स्थानीय थाना प्रभारी की निष्क्रियता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
कोनी गांव में 30 सितंबर को कुशवाहा और पाठक परिवार के बीच पुरानी रंजिश को लेकर हिंसक झड़प हुई थी। इस झड़प में वृद्ध छोटेलाल कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान छोटेलाल कुशवाहा की मौत हो गई।
गुस्साए ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस अगर समय रहते सख्ती से कार्रवाई करती, तो आरोपियों के हौसले इतने बुलंद नहीं होते और यह मौत टाली जा सकती थी। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इन दोनों परिवारों के बीच पहले भी झड़पें हो चुकी हैं, जिनमें एक व्यक्ति की मौत पहले भी हो चुकी है।
SDOP और SDM की मशक्कत, दो आरोपी गिरफ्तार
हालात बिगड़ते और सड़क जाम होने की सूचना मिलते ही SDOP (उप पुलिस अधीक्षक) सचि पाठक और SDM (अनुविभागीय दंडाधिकारी) रश्मि चतुर्वेदी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
करीब कई घंटों की मशक्कत और समझाइश के बाद आक्रोशित भीड़ को शांत कराया जा सका। पुलिस ने भीड़ का गुस्सा कम करने के लिए तत्काल कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।
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अधिकारियों का बयान
SDOP सचि पाठक ने मीडिया को बताया कि, “मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, और बाकी फरार आरोपियों की तलाश के लिए टीमें लगा दी गई हैं। स्थिति अब पूरी तरह से नियंत्रण में है।”
वहीं, SDM रश्मि चतुर्वेदी ने परिजनों को उचित और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है और क्षेत्र की जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है।
परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए थाना प्रभारी सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं, जिनकी निष्क्रियता के कारण अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं।











