निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश में संगठित अपराध और गैंग गतिविधियों को लेकर पुलिस अब सख्त मोड में नजर आ रही है। हाल के दिनों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की बढ़ती सक्रियता और व्यापारियों को मिल रही धमकियों के बीच राज्य के डीजीपी कैलाश मकवाना ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी मामलों की जांच स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को सौंप दी है।
गैंग की धमकियों से बढ़ी चिंता
सूत्रों के मुताबिक, इंदौर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में व्यापारियों और संपन्न लोगों को 10 करोड़ रुपये या उससे अधिक की रंगदारी के लिए फोन कॉल मिल रहे हैं। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में घरों पर फायरिंग की घटनाएं भी सामने आई हैं। ‘हैरी बॉक्स’ नाम से भी धमकियां दिए जाने की बात सामने आई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।
STF को सौंपी गई जांच
प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने इन गंभीर मामलों को देखते हुए सभी संबंधित प्रकरणों को STF को ट्रांसफर कर दिया है। अब STF इन मामलों की गहराई से जांच कर गैंग के नेटवर्क, फंडिंग और स्थानीय कनेक्शन का खुलासा करने में जुटेगी।
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इंदौर में सट्टा कारोबार पर बड़ा एक्शन
इसी बीच इंदौर पुलिस ने अवैध सट्टा कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एरोड्रम थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सुविधा नगर और सिंगापुर सिटी (सुपर कॉरिडोर) इलाके में दबिश दी।
मोबाइल के जरिए चल रहा था नेटवर्क
छापेमारी के दौरान आरोपी मोबाइल फोन के जरिए सट्टा लेते और लिखते हुए पकड़े गए। पुलिस ने मौके से लाखों रुपये का हिसाब-किताब, 11 मोबाइल फोन, 7 कैलकुलेटर और करीब 15 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं।
कमीशन बेस पर चल रहा था पूरा सिस्टम
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह पूरा सट्टा नेटवर्क कमीशन के आधार पर संचालित हो रहा था। पुलिस ने बाणगंगा क्षेत्र से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ सट्टा एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच जारी है।
अपराध पर डबल एक्शन
एक तरफ जहां STF गैंगस्टर नेटवर्क को तोड़ने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय पुलिस भी अवैध गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। ऐसे में आने वाले समय में प्रदेश में अपराधियों पर और सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है।











