MP Dabra News : सिंध नदी में मौत की खदानें : अवैध रेत उत्खनन बना मौत का कारण, प्रशासन मौन….

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MP Dabra News : डबरा, मध्य प्रदेश (बड़ी खबर): डबरा तहसील के पिछोर क्षेत्र में स्थित सिंध नदी में चल रहा अवैध रेत उत्खनन अब स्थानीय लोगों के लिए मौत का कारण बन चुका है। नदी में पनडुब्बियों के ज़रिए किए गए बेतहाशा खनन ने नदी के सीने पर 50 से 100 फीट गहरे ‘मौत के गड्ढे’ बना दिए हैं, और प्रशासन इस गंभीर खतरे पर मौन साधे हुए है।

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MP Dabra News : मर्चेंट नेवी इंजीनियर डूबा, मां सरपंच

बीते 20 सितंबर 2025 को एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। ग्राम उचाड (दतिया) के 27 वर्षीय किंशुक चतुर्वेदी, जो मर्चेंट नेवी में सेकंड इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे, सिंध नदी के इन गहरे गड्ढों में नहाते समय डूब गए। किंशुक अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। उनकी मां, रेणुवाला चतुर्वेदी, वर्तमान में ग्राम उचाड की सरपंच हैं। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

तीन साल में कई मासूम जिंदगियां निगलीं

ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। पिछले तीन वर्षों में ये गहरे गड्ढे कई मासूम जिंदगियां निगल चुके हैं। कुछ वर्ष पहले तीन बच्चियों की दर्दनाक मौत भी इन्हीं खनन वाले गड्ढों में डूबने से हुई थी। इसके बावजूद न तो अवैध खनन पर रोक लगी है और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी पर कोई ठोस कार्रवाई की गई है।

क्षेत्रवासियों ने सीधे तौर पर प्रशासन की चुप्पी को रेत माफियाओं के हौसले बढ़ने का कारण बताया है। उनका दावा है कि अब तक 7 से 8 ग्रामीण नौजवान इन जानलेवा गड्ढों में डूबकर अपनी जान गंवा चुके हैं।

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क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री से लेकर कलेक्टर तक से सिंध नदी में जारी इस अवैध उत्खनन पर तुरंत रोक लगाने और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।

सिंध नदी में सुरक्षा और अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए स्थानीय प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं। क्या आप इस मामले से जुड़ा कोई और अपडेट जानना चाहेंगे?

 

 

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