MP BREAKING : भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संतोष वर्मा मामले में बड़ा कदम उठाते हुए पूरे प्रकरण पर तत्काल संज्ञान लिया है। सीएम ने सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को सख़्त कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।
MP BREAKING : सूत्रों के अनुसार उप सचिव कृषि विभाग संतोष वर्मा को पद से हटा दिया गया है। सरकार ने आधिकारिक रूप से माना है कि संतोष वर्मा फर्जी तरीके से IAS बने थे। GAD की जांच में यह पुष्टि हुई है कि उनकी IAS पदोन्नति फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर हुई थी।
MP BREAKING : राज्य सरकार ने अब केंद्र सरकार को IAS से बर्खास्त करने का प्रस्ताव भेज दिया है। पूरे मामले में प्रशासनिक हलकों में बड़ा भूचाल आ गया है और आगे कई और खुलासों की आशंका जताई जा रही है।
MP BREAKING : बीजेपी प्रदेश कार्यालय में बड़ी बैठक आयोजित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार के दो साल पूरे होने पर आज बीजेपी प्रदेश कार्यालय में बड़ी बैठक आयोजित की जा रही है। शाम 5 बजे होने वाली इस प्रदेश स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री स्वयं शामिल होंगे।
बैठक में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। पार्टी नेतृत्व सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर होने वाले कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों पर विस्तृत चर्चा करेगा।
इसके साथ ही आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है। बीजेपी कार्यालय में इस बैठक को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और पूरे कार्यक्रम पर पार्टी की विशेष नजर बनी हुई है।
MP BREAKING : हमीदिया अस्पताल में दो नवजातों के अर्धजले शव मिले
हमीदिया अस्पताल में दो नवजातों के अर्धजले शव मिलने से सनसनी फैल गई है। शिशुओं की मौत किस कारण हुई, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण सामने नहीं आया, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है।
दोनों नवजातों की नाल नहीं कटी थी, जिससे पुलिस को आशंका है कि उनका अवैध प्रसव कराया गया हो सकता है। जांच दल को शक है कि अस्पताल स्टाफ में से किसी ने अवैध प्रसव करवा कर नवजातों को अवैध तरीके से निपटाने की कोशिश की हो।
पुलिस पूरी घटना को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल परिसर और आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस टीम अस्पताल स्टाफ से पूछताछ भी कर रही है, ताकि मौत और नवजातों के अस्पताल पहुंचने की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। पूरा मामला बेहद संवेदनशील होने के कारण प्रशासन और पुलिस दोनों इसे शीर्ष प्राथमिकता पर जांच रहे हैं।
MP BREAKING : मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड
मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड और तापमान का टॉर्चर लगातार जारी है। बीती रात प्रदेश के कई शहरों में पारा 5 डिग्री से नीचे लुढ़क गया। हैरानी की बात यह रही कि इंदौर शहर प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ज्यादा ठंडा रहा।
इंदौर का न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 10 वर्षों का सबसे कम तापमान है। वहीं पचमढ़ी में पारा 4.8 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री, ग्वालियर में 9.2 डिग्री, उज्जैन में 8.2 डिग्री और जबलपुर में 8.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकांश शहरों में तापमान रात में 10 डिग्री से नीचे रहा, जिससे ठंड ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया।
MP BREAKING : 71 IAS अधिकारियों के प्रमोशन पर मुहर
मध्यप्रदेश में बड़ी प्रशासनिक हलचल के बीच 71 IAS अधिकारियों के प्रमोशन पर मुहर लग गई है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली प्रमोशन कमेटी ने सभी नामों को मंजूरी दे दी है।
25 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले दो IAS अधिकारी अब प्रमुख सचिव बनाए जाएंगे।
इसके अलावा 2010 बैच के 17 IAS अधिकारियों को सचिव पद पर प्रमोट किया जा रहा है।
प्रमोशन सूची में कई महत्वपूर्ण अफसरों के नाम शामिल हैं—
• भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह
• आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल
• उज्जैन संभाग के कमिश्नर आशीष सिंह
• ट्रेजरी कमिश्नर भास्कर लक्ष्य कर
• सीपीआर दीपक सक्सेना
प्रमोशन आदेश जल्द जारी किए जाने की संभावना है, जिससे प्रशासनिक ढांचे में बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा।
MP BREAKING : भोपाल में मेट्रो का कमर्शियल रन 21 दिसंबर को प्रस्तावित
भोपाल में मेट्रो का कमर्शियल रन 21 दिसंबर को प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेट्रो को हरी झंडी दिखाने पर योजना के दो विकल्पों पर मंथन किया जा रहा है।सूत्रों के अनुसार, अगर पीएम मोदी भोपाल आएं तो फूलों से सजी मेट्रो में वे लगभग 6 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे।
MP BREAKING : वहीं, यदि उद्घाटन वर्चुअली किया गया, तो केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री मेट्रो में सवार होंगे।कमर्शियल रन की तारीख में बदलाव की संभावना बनी हुई है। अंतिम फैसला 20 या 21 दिसंबर को लिया जाएगा। यात्रियों को मेट्रो में फ्री पास का लाभ नहीं मिलेगा, सफर के लिए टोकन लेना अनिवार्य होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एक सप्ताह तक यात्रियों के फ्री सफर को लेकर कोई आधिकारिक मंजूरी नहीं दी गई है।











