निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश भाजपा ने अपने कोर ग्रुप को लगभग अंतिम रूप दे दिया है। माना जा रहा है कि इस 15 सदस्यीय टीम की औपचारिक घोषणा आज की जा सकती है। खास बात यह है कि इस टीम में अनुभवी और नए नेताओं का संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।
दिग्गजों की वापसी से बढ़ी चर्चा
इस नए कोर ग्रुप में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा और अरविंद सिंह भदौरिया की वापसी को खास माना जा रहा है। दोनों नेताओं को दोबारा जिम्मेदारी मिलने से पार्टी के अंदर सियासी हलचल तेज हो गई है।
बड़े चेहरे एक मंच पर
कोर ग्रुप में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे बड़े नेताओं को शामिल किया गया है। इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष, प्रभारी और कई वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी जगह दी गई है।
पहली बैठक की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, इस कोर कमेटी की पहली बैठक 14 अप्रैल को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित की जाएगी। इस बैठक में आगामी रणनीतियों और संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी।
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एजेंडे में बड़े मुद्दे
नई कोर टीम का मुख्य फोकस केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय बनाना होगा। साथ ही यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC), महिला आरक्षण और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों को प्रदेश स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करने की रणनीति भी बनाई जाएगी।
संगठन और सत्ता का तालमेल
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कोर ग्रुप सिर्फ संगठनात्मक फैसले ही नहीं लेगा, बल्कि सरकार और पार्टी के बीच तालमेल मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
संभावित कोर टीम (मुख्य नाम)
इस टीम में मोहन यादव, हेमंत खंडेलवाल, शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, विष्णुदत्त शर्मा, जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ला समेत कई प्रमुख नेता शामिल हैं।
आगे क्या?
अब सबकी नजर इस बात पर है कि यह नई टीम आने वाले समय में पार्टी की रणनीति को किस दिशा में ले जाती है और प्रदेश की राजनीति पर इसका क्या असर पड़ता है।











