निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र के चौथे दिन राजधानी भोपाल में राजनीतिक माहौल गरमा गया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। गांधी प्रतिमा के सामने आयोजित इस विरोध में कांग्रेस विधायक हाथों में थाली लेकर पहुंचे और सरकार द्वारा जनता को परोसे जा रहे कथित ‘ख्याली पुलाव’ के खिलाफ नारेबाजी की।
घोषणाओं बनाम जमीनी हकीकत पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की सरकार घोषणाओं और दावों के सहारे चल रही है, जबकि वास्तविक स्थिति इससे अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते दो वर्षों से सरकारी भर्तियां ठप हैं, जिससे युवाओं में बेरोजगारी और निराशा बढ़ रही है।
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महिला, किसान और आम जनता के मुद्दे उठाए
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लाड़ली बहना योजना के तहत 3000 रुपये प्रतिमाह देने का वादा भी पूरा नहीं हुआ है। बिजली बिलों में राहत के दावों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आम जनता अभी भी आर्थिक बोझ झेल रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि कई अस्पतालों में डॉक्टरों और दवाइयों की कमी बनी हुई है।
आरक्षण, शिक्षा और खेती पर सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने किसानों को खाद-बीज की समस्या, ओबीसी को 27% आरक्षण के मुद्दे और प्रदेश की चरमराती शिक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए सरकार से जवाब मांगा। उनका कहना था कि समस्याओं के समाधान के बजाय केवल घोषणाएं की जा रही हैं।
जनता की आवाज बताकर संघर्ष जारी रखने का ऐलान
नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता के अधिकार और भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी विधानसभा से लेकर सड़क तक जनता के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी।













