MOS Tax Protest : इंदौर। इंदौर नगर निगम द्वारा एम.ओ.एस (Margin of Space) पर लगाए गए नए संपत्ति कर को लेकर शहर में सियासत गरमा गई है। इस टैक्स के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पार्षद दल और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष और नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने निगमायुक्त से मुलाकात कर इस जनविरोधी टैक्स को वापस लेने की मांग की।
क्या है एम.ओ.एस टैक्स और क्यों हो रहा विरोध? नगर निगम के नए प्रावधानों के मुताबिक, अब हर मकान मालिक को अपने प्लॉट के खाली छोड़े गए हिस्से (मार्जिन ऑफ स्पेस) पर भी संपत्ति कर देना होगा। कांग्रेस का आरोप है कि यह नियम आम जनता की जेब पर सीधा डाका है।
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50% हिस्से पर टैक्स: अब प्लॉट के उस 50% हिस्से पर भी टैक्स लगेगा जिसे नियमों के तहत खाली छोड़ा जाता है।
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5 साल की एकमुश्त वसूली: सबसे ज्यादा आक्रोश इस बात पर है कि नगर निगम पिछले 5 सालों का टैक्स एक साथ वसूलने की तैयारी में है।
जनता पर बढ़ेगा हजारों का बोझ चिंटू चौकसे ने बताया कि यह टैक्स छोटे प्लॉट धारकों के लिए करीब 600 रुपये प्रति वर्ष से शुरू होकर बड़े प्लॉट के लिए 1500 से 2900 रुपये प्रति वर्ष तक जाएगा। यदि 5 साल का पिछला हिसाब एक साथ लिया जाता है, तो मध्यमवर्गीय परिवारों को अचानक कई हजार रुपये की बड़ी राशि निगम में जमा करनी होगी, जो उनके घरेलू बजट को बिगाड़ देगी।
कांग्रेस की चेतावनी: आंदोलन होगा तेज निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इंदौर की जनता पहले से ही कई तरह के करों के बोझ तले दबी हुई है। ऐसे में एम.ओ.एस पर नया टैक्स लगाना तर्कहीन है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ को तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो पूरे शहर में वार्ड स्तर पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पार्षद और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।











