Montha Cyclone Update : काकीनाडा/भुवनेश्वर : अरब सागर से उठा भीषण चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ मंगलवार रात आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट पर 110 किमी/घंटा की तूफानी हवाओं के साथ लैंडफॉल कर गया है, जिससे तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही मची है। लैंडफॉल की प्रक्रिया 3 से 4 घंटे तक चली, जिसके परिणामस्वरूप अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिसमें कोनासीमा में घर पर पेड़ गिरने से एक बुजुर्ग महिला की मृत्यु शामिल है।
Montha Cyclone Update : तबाही का आंकड़ा और किसानों पर मार
‘मोन्था’ ने आंध्र प्रदेश की कृषि व्यवस्था पर गहरी चोट की है। राज्य में 43,000 हेक्टेयर से अधिक फसलें, जिनमें धान और कपास प्रमुख हैं, पानी में डूब गई हैं, जिससे 83,000 से अधिक किसान सीधे प्रभावित हुए हैं। मछलीपट्टनम में तेज हवाओं और बारिश ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर दिया है, जिससे पूरा शहर अंधेरे में डूबा हुआ है।
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ओडिशा में रेड अलर्ट और निकासी
काकीनाडा से गुजरने के बाद, चक्रवात ‘मोन्था’ अब बुधवार सुबह ओडिशा के गंजम जिले में गोपालपुर बीच पर पहुँच गया है। यहाँ समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं, और 80-100 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चल रही है। ओडिशा सरकार ने दक्षिण के 8 प्रभावित जिलों (जैसे गंजम, गजपति, रायगढ़ा) से 11 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकाल लिया है, जबकि 30 हजार लोगों को निकालने की तैयारी चल रही है। कुल 76,000 लोगों को सुरक्षित 219 राहत शिविरों में पहुँचाया गया है।
तत्काल कार्रवाई और राज्यों पर प्रभाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से फोन पर बात की है। क्षति को कम करने के लिए आंध्र प्रदेश में सात तटीय जिलों में वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई, और एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की कई टीमें तैनात की गई हैं।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, ‘मोन्था’ का असर केवल तटीय राज्यों तक सीमित नहीं रहेगा। अगले तीन दिनों तक केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और झारखंड में भी बारिश होने की संभावना है। तूफान के कारण 32 फ्लाइटें रद्द हुई हैं, और तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, यहाँ तक कि राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी बारिश रिकॉर्ड की गई है।











