मानसून का रौद्र रूप : नई दिल्ली/श्रीनगर: देश के पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक मानसून का विकराल रूप देखने को मिल रहा है. आसमान से बरस रही आफत की बारिश ने जमीन पर तबाही का मंजर खड़ा कर दिया है. इसी विनाशकारी दौर के चलते बाबा बर्फानी की पवित्र अमरनाथ यात्रा को निर्धारित समय से एक सप्ताह पहले ही स्थगित करना पड़ा है, जिससे लाखों श्रद्धालुओं की उम्मीदों को करारा झटका लगा है.
मानसून का रौद्र रूप : मिली जानकारी के अनुसार, मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के कारण शनिवार तड़के जम्मू-कश्मीर के कठुआ और उधमपुर में दो महत्वपूर्ण पुल ढह गए. इसके साथ ही पांच घरों में भी भारी दरारें आ गई हैं, जिससे कई परिवार बेघर हो गए हैं. राज्य में सड़कों का नेटवर्क पूरी तरह से चरमरा गया है. कई राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख संपर्क मार्ग भूस्खलन और बाढ़ के पानी से टूट गए हैं, जिससे आवाजाही पूरी तरह ठप पड़ गई है.
मानसून का रौद्र रूप
हालात की गंभीरता को देखते हुए, केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में सेना को राहत और बचाव कार्यों के लिए तत्काल तैनात कर दिया है. सेना की टुकड़ियां युद्धस्तर पर फंसे हुए लोगों को निकालने, आवश्यक सामग्री पहुंचाने और ध्वस्त हुए मार्गों को अस्थाई रूप से बहाल करने का काम कर रही हैं.
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक इन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की चेतावनी जारी की है, जिससे बचाव अभियान और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है. प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है. देशभर में मानसून के इस अप्रत्याशित रौद्र रूप ने चिंता बढ़ा दी है.











