Money Laundering Bhopal : भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मध्य प्रदेश के चर्चित भ्रष्टाचार मामले में शुक्रवार को दिवंगत पूर्व आईएएस अधिकारी अरविंद जोशी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत ED के भोपाल जोनल ऑफिस ने जोशी, उनके परिजनों और सहयोगियों के नाम पर दर्ज ₹5 करोड़ की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (Provisional Attachment) कर लिया है।
अटैच की गई संपत्तियों का विवरण ED ने PMLA एक्ट 2002 के तहत जो संपत्तियां अटैच की हैं, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
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भोपाल जिले में स्थित एक संचालित (Functional) आलीशान रिसॉर्ट।
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विभिन्न स्थानों पर स्थित कृषि भूमि।
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भोपाल की प्राइम लोकेशंस पर आवासीय प्लॉट।
SP कोहली के नाम पर बनाई बेनामी संपत्तियां जांच में खुलासा हुआ है कि अरविंद जोशी ने अपने सहयोगी एस.पी. कोहली और उनके परिवार के नाम पर कई बेनामी संपत्तियां खरीदी थीं। इसके लिए एक फर्जी (Shell) कंपनी बनाई गई थी, जिसमें कोहली को मैनेजर नामित किया गया था। अवैध आय को वैध दिखाने के लिए ‘पावर ऑफ अटॉर्नी’ के माध्यम से संपत्तियों का हस्तांतरण परिजनों के नाम किया गया था।
₹41.87 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति का मामला मध्य प्रदेश जल संसाधन विभाग के पूर्व प्रमुख सचिव रहे अरविंद जोशी पर 1979 से 2010 के बीच अपनी वैध आय से 3151% अधिक संपत्ति (लगभग ₹41.87 करोड़) अर्जित करने का आरोप है। लोकायुक्त की FIR के आधार पर ED पिछले कई वर्षों से इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है। अब तक इस केस में कुल ₹8.5 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
मामले का इतिहास अरविंद जोशी और उनकी पत्नी टीनू जोशी (दोनों 1979 बैच के IAS) को 2014 में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। 2010 में उनके घर पर पड़े आयकर छापों में ₹3 करोड़ से ज्यादा नकद मिले थे। अरविंद जोशी का 2022 में निधन हो गया था, लेकिन उनकी अवैध कमाई से जुड़ी संपत्तियों पर कानूनी प्रक्रिया निरंतर जारी है।











