Tuesday, August 18, 2026
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Disappearance to arrest : गुमशुदगी से गिरफ़्तारी तक – 8 महीनों की जांच में उजागर हुई भयावह सच्चाई

disappearance to arrest :  मऊगंज। मऊगंज जिले की लौर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए, पिछले आठ माह से लापता चल रही एक 17 वर्षीय नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर लिया है। इस मामले में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुराचार करने वाले मुख्य आरोपी इब्राहिम उर्फ सलमान खान को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मऊगंज, दिलीप सोनी के निर्देशन और सतत प्रयासों से संभव हो पाई।

disappearance to arrest :  आठ महीने की लंबी तलाश

लौर थाना में 17 मार्च 2025 को 17 वर्षीय नाबालिग की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जिसके बाद अपराध क्रमांक 88/25 के तहत जांच शुरू की गई। लगभग आठ महीने तक लौर पुलिस की टीम लगातार तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र की मदद से युवती की तलाश में जुटी रही।

सतत जांच के बाद पुलिस को सूचना मिली कि गुमशुदा लड़की रीवा शहर में देखी गई है। सूचना की पुष्टि होने पर, लौर पुलिस की टीम ने 22 नवंबर को त्वरित कार्रवाई करते हुए युवती को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया।

पीड़िता के बयान से हुआ चौंकाने वाला खुलासा

पीड़िता को दस्तयाब करने के बाद जब उससे पूछताछ की गई, तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। नाबालिग ने बताया कि आरोपी इब्राहिम उर्फ सलमान खान (25 वर्ष) उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और लंबे समय तक उसका दुराचार करता रहा। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 96, 64(2)M और 115(2) के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया।

आरोपी गिरफ्तार और वाहन जब्त

लौर पुलिस ने तत्काल दबिशें देकर मुख्य आरोपी इब्राहिम उर्फ सलमान खान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से वह पिकअप वाहन भी जब्त किया है, जिसका उपयोग उसने नाबालिग को ले जाने में किया था। आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

यह चुनौतीपूर्ण गुत्थी सतत पुलिस प्रयास, तकनीकी जांच और समर्पित कार्यशैली की बदौलत सुलझाई जा सकी।

“लापता नाबालिग को सुरक्षित खोज निकालना और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजना हमारी टीम की एक बड़ी सफलता है। लगातार प्रयास, तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र की सक्रियता ने इस आठ महीने पुरानी गुत्थी को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।”

— दिलीप सोनी (पुलिस अधीक्षक मऊगंज)

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