Mamata Banerjee Eid Speech : कोलकाता। शनिवार को रेड रोड पर ईद समारोह में शामिल होते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा की नीतियों और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया (SIR) पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बंगाल के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए अंत तक लड़ेंगी।
ममता बनर्जी के भाषण के मुख्य बिंदु:
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मतदाता सूची पर विवाद: ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के नाम पर कई लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा, “मैं इसके लिए हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गई हूँ। चाहे कोई आपके साथ खड़ा हो या न हो, मैं बंगाल के हर धर्म और जाति के व्यक्ति के साथ परिवार के सदस्य की तरह खड़ी रहूँगी।”
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प्रधानमंत्री पर सीधा हमला: पीएम मोदी के विदेशी दौरों पर तंज कसते हुए ममता ने कहा, “मोदी जी सऊदी अरब जाकर हाथ मिलाते हैं, वह उनकी पसंद है। लेकिन विदेश में हाथ मिलाते समय वे सब भूल जाते हैं और भारत लौटते ही हिंदू-मुस्लिम का नैरेटिव शुरू कर देते हैं। आप लोगों को ‘घुसपैठिया’ कहते हैं और उनके नाम हटाते हैं, मैं कहती हूँ—आप सबसे बड़े घुसपैठिये हैं।”
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भाजपा को बताया ‘गद्दारों की पार्टी’: उन्होंने भाजपा पर बंगाल में ‘सरकार कब्जाने’ का आरोप लगाते हुए उन्हें चोरों, लुटेरों और गद्दारों की पार्टी बताया। उन्होंने उन नेताओं पर भी निशाना साधा जो वोट काटने के लिए भाजपा से पैसे ले रहे हैं।

अभिषेक बनर्जी: “रमजान में राम और दिवाली में अली”
अभिषेक बनर्जी ने अपने संबोधन में बंगाल की साझा संस्कृति और भाईचारे पर जोर दिया। उन्होंने कहा:
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सांस्कृतिक एकता: “याद रखें, रमजान में ‘राम’ है और दिवाली में ‘अली’। हम चांद देखकर ही ईद मनाते हैं और करवा चौथ भी। यही हमारे देश की संस्कृति है।”
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किरायेदार बनाम मालिक: राहत इंदौरी के शेर का जिक्र करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार को घेरा— “जो लोग सत्ता में हैं, वे किरायेदार की तरह हैं। वे खुद को मालिक न समझें। भारत किसी व्यक्ति की संपत्ति नहीं है, यह देश जितना मेरा है, उतना ही आपका भी है।”
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देश खतरे में है: अभिषेक ने कहा कि जो लोग कहते हैं कि हिंदू खतरे में है या मुस्लिम खतरे में है, उन्हें सांप्रदायिक चश्मा उतारकर देखना चाहिए। सच तो यह है कि ‘भारत’ खतरे में है।











