महेश्वर : महेश्वर तहसील में सिंचाई के लिए रात में दी जा रही बिजली से नाराज किसानों ने सोमवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक दिन के समय बिजली उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी विरोध के तहत सुबह 11 बजे से बड़वाह-धामनोद मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
“रात में खेत जाना जोखिमभरा”—किसानों की पीड़ा सामने आई
किसानों का कहना है कि अंधेरे में सिंचाई करना न सिर्फ असुविधाजनक है, बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। जंगली जानवरों के हमले, सर्पदंश और दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इन परिस्थितियों में खेतों की सिंचाई पूरी नहीं हो पाती, जिससे उत्पादन लगातार प्रभावित हो रहा है और किसानों की आय पर सीधा असर देखा जा रहा है।
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“दिन में 10 घंटे बिजली चाहिए”—किसानों की एक ही मांग
किसानों ने मांग रखी है कि सिंचाई के लिए दिन के समय कम से कम 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाए। विरोध कर रहे किसानों ने कहा—अगर रात में सिंचाई के दौरान कोई हादसा होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार, प्रशासन और बिजली कंपनी की होगी।
चक्काजाम से दोनों ओर लगी वाहनों की लंबी कतार
प्रदर्शन के चलते बड़वाह-धामनोद मार्ग पर कई किलोमीटर लंबी गाड़ियों की लाइन लग गई। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बिजली कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। हालात संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रशासन की समझाइश के बावजूद किसान नहीं माने
तहसीलदार कैलाश सस्त्या, थाना प्रभारी दीपक यादव सहित बिजली विभाग के अधिकारी किसानों को समझाने पहुंचे, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच बातचीत जारी है, लेकिन आंदोलनकारियों ने साफ कहा है कि मांगें पूरी होने तक चक्काजाम नहीं हटेगा।











