Mahanadi water dispute : भुवनेश्वर। ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच दशकों से चल रहे महानदी जल विवाद को सुलझाने के लिए गठित उच्च स्तरीय कमेटी की पहली सभा 22 दिसंबर 2025 को शाम 4 बजे लोक सेवा भवन में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर गठित इस कमेटी की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री कनकबर्धन सिंह देव करेंगे। यह कमेटी ऐसे समय में बनाई गई है जब यह विवाद पहले से ही ट्रिब्यूनल में चल रहा है, लेकिन राज्य सरकार ने इस मुद्दे की जटिलता और भावनात्मक प्रकृति को देखते हुए राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर समाधान खोजने के लिए अलग मोर्चा खोला है।
Mahanadi water dispute : 8 सदस्यों वाली इस महत्वपूर्ण कमेटी में राज्य सरकार के विभिन्न मंत्री और प्रमुख विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं। इसमें राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी, कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, उद्योग मंत्री संपदा चंद्र स्वैन, गवर्नमेंट चीफ विजिलेंट सरोज कुमार प्रधान जैसे सत्ता पक्ष के सदस्य शामिल हैं। वहीं, विपक्षी पार्टियों से बीजद विधायक निरंजन पुजारी और कांग्रेस विधायिका सोफिया फिरदोस को भी शामिल किया गया है। भाजपा विधायक जयनारायण मिश्रा भी कमेटी का हिस्सा हैं। कमेटी में उन जिलों के विधायकों को भी शामिल किया गया है जिनसे होकर महानदी गुजरती है।
Mahanadi water dispute : कमेटी का मुख्य उद्देश्य महानदी के पानी से जुड़े सभी जरूरी पहलुओं की जांच करना है और राज्य में तकनीक तथा प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को ज़रूरी पॉलिसी गाइडेंस देना है। इस कमेटी के गठन के बाद, कमेटी के सदस्य जयनारायण मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए पिछली सरकार के ट्रिब्यूनल जाने के फैसले को गलत बताया। उन्होंने कहा कि इस विवाद के समाधान के लिए हमेशा से राजनीतिक समाधान की जरूरत थी, क्योंकि न्यायिक प्रक्रिया में अक्सर देरी होती है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा बनाई गई कमेटी का स्वागत किया और विवाद को सुलझाने की पूरी कोशिश करने की बात कही।
Mahanadi water dispute : जयनारायण मिश्रा ने यह भी सुझाव दिया कि जैसे छत्तीसगढ़ ने महानदी पर बैराज बनाए हैं, उसी तर्ज पर ओडिशा सरकार को भी हीराकुद डैम के नीचे और बैराज बनाने की जरूरत है। उन्होंने विश्वास जताया कि अब जब राजनीतिक समाधान का रास्ता खुल गया है, तो महानदी जल विवाद जल्द ही खत्म हो जाएगा।
Mahanadi water dispute : कमेटी की सदस्या सोफिया फिरदौस ने भी सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि 9 साल बाद महानदी विवाद को सुलझाने के लिए ऐसी कमेटी बनी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बीजेपी की ट्रिपल इंजन सरकार और मुख्यमंत्री, जो निचले स्तर की समस्याओं को समझते हैं, इस कमेटी के माध्यम से महानदी विवाद को सुलझाने में सफल होंगे, खासकर जब न्यायिक प्रक्रिया में अनिश्चितता और देरी बनी रहती है।











