Mahakaleshwar : राजेश व्यास/उज्जैन। भगवान महाकालेश्वर की कार्तिक-मार्गशीर्ष माह की तीसरी सवारी सोमवार शाम धार्मिक परंपराओं और भव्यता के साथ निकाली गई। महाकालेश्वर मंदिर परिसर स्थित सभामंडप में विधि-विधान से भगवान चन्द्रमौलीश्वर का पूजन-अर्चन किया गया, जिसके पश्चात उन्हें रजत पालकी में विराजमान कर नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल द्वारा भगवान को सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दी गई।
सवारी निकलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महाकाल के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। सवारी में आगे-आगे तोपची, कडाबीन, पुलिस एवं महाकालेश्वर बैंड, घुड़सवार दल और सशस्त्र पुलिस बल के जवान नगरवासियों को भगवान के आगमन की सूचना देते चलते रहे। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवृष्टि कर बाबा का स्वागत किया।
Mahakaleshwar : महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि सवारी अपने पारंपरिक मार्ग से निकली, जो महाकाल चौक, गुदरी चौक, बक्षी बाजार और कहारवाड़ी से होती हुई रामघाट पहुंची। रामघाट पर मां क्षिप्रा के पवित्र जल से भगवान चन्द्रमौलीश्वर का अभिषेक किया गया। इसके बाद सवारी गणगौर दरवाजा, कार्तिक चौक, गोपाल मंदिर और पटनी बाजार मार्ग से होती हुई पुनः श्री महाकालेश्वर मंदिर लौट आई।
मंदिर के पुजारी ने बताया कि सावन माह में जो भक्त सवारी दर्शन से वंचित रह जाते हैं, वे कार्तिक माह की इस सवारी में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं। श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था, कई भक्त परिवार सहित दर्शन के लिए दूर-दराज से पहुंचे थे।
Mahakaleshwar : एक श्रद्धालु ने भावुक होकर कहा, “मैं परिवार के साथ बाबा के दर्शन करने आया था, सवारी देखकर मन प्रसन्न हो गया। यह अद्भुत अनुभव रहा।” भगवान महाकाल की इस सवारी ने एक बार फिर उज्जैन को श्रद्धा और आस्था के रंग में रंग दिया। शहरभर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला।











