Saturday, September 5, 2026
Home Madhya Pradesh Mahakaleshwar Bhasma Aarti : ब्रह्म मुहूर्त में महाकाल का दिव्य दर्शन, भस्म...

Mahakaleshwar Bhasma Aarti : ब्रह्म मुहूर्त में महाकाल का दिव्य दर्शन, भस्म आरती से गूंजा उज्जैन

Mahakal Aarti Live
Mahakal Aarti

उज्जैन : उज्जैन स्थित विश्वविख्यात श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में आज तड़के ब्रह्म मुहूर्त में भस्म आरती का अलौकिक आयोजन संपन्न हुआ। सुबह लगभग 4 बजे जैसे ही गर्भगृह के पट खुले, पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंज उठा। देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु इस दिव्य क्षण के साक्षी बने और स्वयं को सौभाग्यशाली माना।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंचामृत अभिषेक

भस्म आरती से पूर्व भगवान महाकाल का विधि-विधान से पंचामृत अभिषेक किया गया। जल, दूध, दही, घी, शहद और शर्करा से हुए इस अभिषेक के दौरान गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्र पाठ और शंखनाद की दिव्य ध्वनि वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर रही थी। इस पावन अनुष्ठान ने श्रद्धालुओं के मन को गहरी श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत कर दिया।

भस्म श्रृंगार में जीवन का गूढ़ दर्शन

अभिषेक उपरांत बाबा महाकाल का भस्म श्रृंगार किया गया। सनातन परंपरा में भस्म को त्याग, वैराग्य और जीवन की नश्वरता का प्रतीक माना जाता है। बाबा के इस अलौकिक और वैराग्यपूर्ण स्वरूप के दर्शन करते ही भक्त भावविभोर हो उठे। कई श्रद्धालुओं की आंखों में आस्था और भक्ति के आंसू स्पष्ट दिखाई दिए।

जप, ध्यान और साधना में लीन श्रद्धालु

भस्म आरती के दौरान संपूर्ण महाकाल लोक मंत्र-जप, ध्यान और साधना में डूबा नजर आया। भक्तों का मानना है कि महाकाल की भस्म आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर है। यहां आकर मन के विकार शांत होते हैं और आत्मा को नई ऊर्जा मिलती है।

सनातन संस्कृति की जीवंत धरोहर

श्री महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती सनातन संस्कृति की एक अनमोल और जीवंत परंपरा है। यह प्रतिदिन भक्तों को सादगी, संतुलन, वैराग्य और मोक्ष के मार्ग का संदेश देती है। यही कारण है कि महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया में आस्था और अध्यात्म का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here