Monday, September 28, 2026
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Mahakal Bhasma Aarti : महाकाल भस्म आरती में उमड़ी अपार श्रद्धा, ‘हर-हर महादेव’ से गूंजा उज्जैन

Mahakal Bhasma Aarti
Mahakal Bhasma Aarti

Mahakal Bhasma Aarti : मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित Mahakaleshwar Jyotirlinga में शनिवार तड़के ब्रह्म मुहूर्त के पावन समय पर भगवान महाकाल की भव्य भस्म आरती वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। सुबह करीब चार बजे जैसे ही गर्भगृह के पट खुले, पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

Mahakal Bhasma Aarti : इस दिव्य आरती के दर्शन के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे। भगवान महाकाल के अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर भक्तों ने स्वयं को धन्य महसूस किया और गहरी भक्ति में लीन दिखाई दिए।

भस्म आरती की शुरुआत पारंपरिक पंचामृत अभिषेक से हुई। भगवान का जल, दूध, दही, घी, शहद और शर्करा से विधिवत अभिषेक किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में रुद्रपाठ, शंखध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

Mahakal Bhasma Aarti : अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का विशेष भस्म श्रृंगार किया गया, जो सनातन परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। भस्म को वैराग्य और जीवन की क्षणभंगुरता का प्रतीक माना जाता है, जो यह संदेश देता है कि सांसारिक मोह-माया अस्थायी है और ईश्वर भक्ति ही शाश्वत सत्य है।

 

Mahakal Bhasma Aarti : आरती के दौरान मंदिर परिसर में गहरा आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालु मंत्र-जप, भजन और ध्यान के माध्यम से भगवान शिव की आराधना में लीन रहे। धार्मिक मान्यता है कि भस्म आरती के दर्शन से मानसिक शांति, आत्मिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

Mahakal Bhasma Aarti : महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की जीवंत परंपरा का प्रतीक है। उज्जैन का यह ज्योतिर्लिंग आज विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

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