रीवा। Nishaanebaz.com-Rewa Anti-Drug Campaign: मध्य प्रदेश के रीवा संभाग में नशे के अवैध कारोबार और तस्करों के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा शिकंजा कसा है। पिछले 18 महीनों के भीतर पुलिस ने आक्रामक कार्रवाई करते हुए 1615 नशे के सौदागरों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। इस दौरान करोड़ों रुपये के नशीले पदार्थों और तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को भी जब्त किया गया है। क्षेत्र में बढ़ते अवैध नशे के कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सर्किट हाउस में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर बेहद कड़े निर्देश दिए हैं।
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युवा पीढ़ी को बचाने के लिए सप्लाई चेन पर वार
रीवा के सर्किट हाउस में आयोजित इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने दो टूक शब्दों में कहा कि नशे के अवैध कारोबार में लिप्त किसी भी अपराधी को बख्शा न जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल छोटे पैडलर्स तक सीमित न रहकर, नशीले पदार्थों के उत्पादन, फंडिंग और मुख्य सप्लाई चेन (आपूर्तिकर्ता नेटवर्क) तक पहुंचकर कठोर कार्रवाई की जाए।
रीवा संभाग में नशे के खिलाफ अभियान के तहत 18 महीनों में 1,615 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। डिप्टी सीएम की सख्ती के बीच पुलिस की कार्रवाई जारी है।
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उप मुख्यमंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि प्रदेश की ऊर्जावान युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में फंस गई, तो सरकार द्वारा किए जा रहे विकास और कल्याणकारी प्रयासों का लाभ अधूरा रह जाएगा। भविष्य की पीढ़ी को बचाने के लिए इस नासूर को जड़ से उखाड़ना बेहद जरूरी है।
पुनर्वास और नशामुक्ति केंद्रों को सक्रिय करने पर जोर
केवल दंडात्मक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुधार और मानवीय दृष्टिकोण को अपनाते हुए उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को रीवा संभाग के सभी नशामुक्ति केंद्रों को पूरी तरह सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। जो युवा या नागरिक अनजाने में नशे की इस दलदल में फंस चुके हैं, उन्हें इस लत से बाहर निकालने के लिए उनके समुचित उपचार, काउंसलिंग और सामाजिक पुनर्वास (Rehabilitation) की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर एक बेहतर जीवन जी सकें। सरकार के इस दोतरफा एक्शन (सख्त पुलिस कार्रवाई और पुनर्वास) से नशा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।


