MP News: जर्जर स्कूल और टपकती छत के नीचे पढ़ रहे बच्चे, छात्रा ने बनाया वीडियो तो खुली सरकारी स्कूल की पोल

Anuj Nirala

[nishaanebaz.com] MP News: कटनी (ढीमरखेड़ा)। कटनी जिले के ग्रामीण इलाकों में सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। ढीमरखेड़ा क्षेत्र के पाली गांव की माध्यमिक शाला का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें स्कूल भवन की जर्जर हालत और टपकती छत की समस्या दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि बारिश के दौरान छत से पानी टपकने के बीच बच्चे कक्षा में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

स्कूल की समस्याओं को लेकर बच्चों ने खुद वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। वीडियो में स्कूल भवन की स्थिति के साथ-साथ प्रसाधन व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं भी दिखाई दे रही हैं।

बारिश में टपकती है स्कूल की छत

पाली गांव की माध्यमिक शाला के सामने आई तस्वीरें सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर सवाल खड़े करती हैं। स्कूल की छत जर्जर होने के कारण बारिश के दौरान पानी कक्षाओं के अंदर पहुंचने की समस्या बताई जा रही है।ऐसे माहौल में बच्चों के लिए पढ़ाई करना मुश्किल होने के साथ सुरक्षा का खतरा भी बना रहता है। जर्जर भवन में कहीं छत या प्लास्टर का हिस्सा गिरने जैसी स्थिति पैदा न हो जाए, इसे लेकर भी अभिभावकों की चिंता बढ़ सकती है।

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बच्चों ने खुद बनाया वीडियो, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

स्कूल की समस्या को लेकर बच्चों ने वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद मामला शिक्षा विभाग तक पहुंचा।वीडियो के जरिए बच्चों ने स्कूल भवन की स्थिति और वहां मौजूद समस्याओं को सामने रखा। सामान्य तौर पर स्कूल में बच्चों के लिए मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहता है। ऐसे में शिक्षा विभाग के सामने यह सवाल भी खड़ा हुआ है कि बच्चों के पास मोबाइल कैसे पहुंचा और उन्होंने स्कूल के अंदर वीडियो कैसे बनाया।

स्कूल में छात्रा झाड़ू लगाती भी दिखी

वायरल वीडियो में एक छात्रा स्कूल के अंदर झाड़ू लगाते हुए भी नजर आ रही है। इस दृश्य ने स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर एक और सवाल खड़ा कर दिया है।सवाल यह उठ रहा है कि जिस समय छात्रा स्कूल परिसर में सफाई कर रही थी, उस दौरान क्या कोई शिक्षक मौके पर मौजूद था? यदि शिक्षक मौजूद थे तो छात्रा से सफाई क्यों कराई जा रही थी? वहीं यदि शिक्षक मौजूद नहीं थे तो स्कूल में बच्चों की निगरानी कौन कर रहा था?हालांकि, इन सवालों का वास्तविक जवाब विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

शिक्षकों के जरिए अधिकारियों तक पहुंचनी थी समस्या

मामले में शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि स्कूल में यदि छत टपकने, प्रसाधन या भवन की कोई समस्या थी, तो इसकी जानकारी शिक्षकों के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचनी चाहिए थी।लेकिन यहां बच्चों ने खुद वीडियो बनाकर समस्या को सोशल मीडिया के जरिए सामने ला दिया। इससे स्कूल में शिकायत और निगरानी की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

शिक्षा विभाग ने जांच के दिए आदेश

मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है। बीआरसी प्रेम कोरी के अनुसार उन्हें वायरल वीडियो के संबंध में पहले जानकारी नहीं थी। अब मामले की जांच के लिए जन शिक्षक को निर्देश दिए गए हैं।बीआरसी ने बताया कि जन शिक्षक की जांच रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जांच के बाद सामने आएगी स्कूल की वास्तविक स्थिति

फिलहाल विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि स्कूल भवन की जर्जर स्थिति कितनी गंभीर है, छत से पानी टपकने की समस्या कब से है और इस संबंध में पहले किसी स्तर पर शिकायत की गई थी या नहीं।इसके साथ ही वीडियो में दिखाई दे रही छात्रा से सफाई कराने और स्कूल में मोबाइल फोन पहुंचने के मामले की भी जांच की जा सकती है।

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बच्चों की सुरक्षा और सुविधाओं पर बड़ा सवाल

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सुरक्षित भवन, साफ-सुथरे प्रसाधन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है। ऐसे में यदि बारिश के दौरान बच्चों को टपकती छत के नीचे बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है, तो यह व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल खड़ा करता है।अब निगाह शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर यह तय होगा कि स्कूल की जर्जर स्थिति और अन्य अव्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदारी किसकी है और सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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