liquor scam : रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ रायपुर की स्पेशल कोर्ट में करीब 3800 पन्नों की पूरक चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में चैतन्य बघेल पर 200 से 250 करोड़ रुपए की अवैध रकम प्राप्त करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
liquor scam : EOW के अनुसार, शराब सिंडिकेट के जरिए की गई अवैध उगाही का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर चैतन्य बघेल तक पहुंचा। जांच एजेंसी का दावा है कि अलग-अलग समय पर करोड़ों रुपए उन्हें सौंपे गए और घोटाले में उनकी सीधी संलिप्तता रही।
liquor scam : चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के शीर्ष स्तर पर थे और राजनीतिक प्रभाव के चलते नेटवर्क पर उनका नियंत्रण था। अवैध रकम के **कलेक्शन, चैनलाइजेशन और वितरण से जुड़े प्रमुख फैसले उनके निर्देश पर लिए जाते थे।
liquor scam : चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया गया था और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। हाल ही में ED ने सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया है, जिन्हें PMLA कोर्ट ने 14 दिन की रिमांड पर भेजा है। इसके अलावा पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास की भी गिरफ्तारी हो चुकी है।
liquor scam : ED और EOW दोनों कर रही जांच
liquor scam : शराब घोटाले में रायपुर EOW-ACB द्वारा दर्ज FIR के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है। FIR में IPC और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराएं लगाई गई हैं।
liquor scam : जांच में सामने आया है कि इस घोटाले से राज्य सरकार के खजाने को भारी नुकसान हुआ और सिंडिकेट ने लगभग 2500 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की। यह रकम नेताओं, अफसरों और कारोबारियों के बीच बांटी गई।
liquor scam : रियल एस्टेट में निवेश का आरोप
liquor scam : ED का आरोप है कि चैतन्य बघेल ने घोटाले से अर्जित धन को अपने रियल एस्टेट व्यवसाय में निवेश कर उसे वैध संपत्ति के रूप में दिखाने की कोशिश की। यह पैसा उनकी फर्म एम/एस बघेल डेवलपर्स के तहत संचालित प्रोजेक्ट ‘विठ्ठल ग्रीन’ में लगाया गया।
liquor scam : पहले भी हो चुकी है संपत्तियों की कुर्की
liquor scam : प्रवर्तन निदेशालय ने नवंबर में चैतन्य बघेल की 61.20 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियों को PMLA के तहत अस्थायी रूप से कुर्क किया था। इससे पहले भी कई IAS अधिकारियों, कारोबारियों और पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी व संपत्ति जब्ती की कार्रवाई हो चुकी है।
liquor scam : क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला
liquor scam : जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह घोटाला तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में एक संगठित सिंडिकेट के जरिए अंजाम दिया गया। इसमें:
डिस्टलरी संचालकों से कमीशन वसूली
नकली होलोग्राम लगी शराब की सरकारी दुकानों से बिक्री
ओवर बिलिंग और बिना शुल्क शराब की सप्लाई
liquor scam : जांच में करीब 40 लाख पेटी शराब अवैध रूप से बेचने के साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।











