Sawan Last Monday: राजिम/बलौदाबाजार। सावन माह के अंतिम सोमवार को छत्तीसगढ़ के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। राजधानी रायपुर के हटकेश्वर नाथ मंदिर से लेकर धर्मनगरी राजिम के कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर और बलौदाबाजार के विभिन्न शिव मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालु गंगाजल, दूध, दही और बेलपत्र लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचे।
कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में उमड़ी भीड़
राजिम के त्रिवेणी संगम तट पर स्थित प्राचीन कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार पर हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। तड़के सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की कतार लग गई। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंज उठा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीराम ने 14 वर्ष के वनवास के दौरान माता सीता के साथ यहां शिवलिंग की स्थापना कर भगवान शिव की पूजा की थी। त्रिवेणी संगम के चलते राजिम को ‘प्रयाग नगरी’ के नाम से भी जाना जाता है। सावन के दौरान कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहता है।
बलौदाबाजार में निकली कांवड़ यात्रा
बलौदाबाजार में भी सावन के अंतिम सोमवार को शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रही। सोमवार के साथ एकादशी और दोपहर बाद प्रदोष काल का संयोग होने के कारण श्रद्धालुओं में इस दिन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों से कांवड़ यात्राएं भी निकाली गईं।
Sawan Last Monday: बलौदाबाजार का बोल बम कांवड़ यात्रा संघ पिछले 23 वर्षों से लगातार कांवड़ यात्रा निकाल रहा है। संघ के सदस्य सोनपुरी स्थित बाबा भुतेश्वर नाथ मंदिर के कुंड से जल लेकर करीब 30 किलोमीटर की यात्रा तय करते हुए ग्राम रामपुर में शिवनाथ नदी के किनारे स्थित स्वयंभू शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। सावन के अंतिम सोमवार पर निकली इस कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। हाथों में कांवड़ और जुबां पर बोल बम के जयकारों के साथ भक्त शिवभक्ति में लीन नजर आए।





