नई दिल्ली : पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कमांडर हाफिज अब्दुल रऊफ का एक भड़काऊ वीडियो सामने आया है, जिसमें वह खुलेआम भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए दिल्ली, गजवा-ए-हिंद और शरिया शासन की बात करता नजर आ रहा है। यह वीडियो भले ही नवंबर महीने का बताया जा रहा हो, लेकिन हाल ही में इसके सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एक बार फिर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को लेकर चिंता गहरा गई है।
‘गजवा-ए-हिंद होकर रहेगा’, दिल्ली को लेकर भड़काऊ बयान
वीडियो में रऊफ यह दावा करता दिख रहा है कि “गजवा-ए-हिंद होकर रहेगा” और एक दिन दिल्ली को “दुल्हन” बनाया जाएगा। उसने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे तौर पर निशाने पर लेते हुए धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया। रऊफ का कहना है कि एक दिन भारत की मौजूदा व्यवस्था बदली जाएगी और शरिया कानून लागू किया जाएगा।
Pakistan’s Lie Exposed, Terror on Camera
A US-designated Lashkar-e-Taiba terrorist, Abdul Rauf, openly threatens Kashmir and India on camera without fear, without consequence.
This single clip shatters Pakistan’s carefully rehearsed denial.
From Ghazwa-e-Hind fantasies… pic.twitter.com/rYUwgQ5VXN
— Pakistan Reality Check (@PakRealityCheck) December 13, 2025
भारतीय सैन्य ताकत पर भी उठाए सवाल
अपने बयान में रऊफ ने भारत की सैन्य क्षमताओं को कमतर बताते हुए कहा कि राफेल लड़ाकू विमान, एस-400 मिसाइल सिस्टम और ड्रोन कुछ नहीं कर सकते। उसने यह भी दावा किया कि एक बार “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद भारत अगले कई दशकों तक पाकिस्तान पर हमला करने की हिम्मत नहीं करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के बयान केवल आतंकी प्रोपेगेंडा और कट्टरपंथी समर्थकों को उकसाने की कोशिश हैं।
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कश्मीर को लेकर भी उकसावे की कोशिश
वीडियो में रऊफ ने जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होने के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कश्मीर की लड़ाई खत्म नहीं हुई है। उसने चेतावनी दी कि जो लोग यह मान रहे हैं कि आतंकवाद कमजोर पड़ा है, वे भ्रम में हैं। उसने लश्कर सरगना हाफिज सईद के साले अब्दुल रहमान मक्की का हवाला देते हुए दिल्ली पर कब्जे के मंसूबे दोहराए।
हाफिज सईद का करीबी और अमेरिकी प्रतिबंधों में शामिल
हाफिज अब्दुल रऊफ वर्ष 1999 से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है और तथाकथित राहत संगठन फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन का प्रमुख भी रह चुका है। वह मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का करीबी माना जाता है। रऊफ पर अमेरिका द्वारा प्रतिबंध भी लगाया जा चुका है, बावजूद इसके वह पाकिस्तान में खुलेआम सक्रिय दिखाई देता रहा है।
जनाजों में मौजूदगी पर पाकिस्तान की सफाई
गौरतलब है कि भारत द्वारा 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई के बाद, रऊफ आतंकियों के जनाजे में पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ नजर आया था। इस पर पाकिस्तानी सेना ने उसे “आम नागरिक और मौलवी” बताकर बचाव करने की कोशिश की थी, जिससे पाकिस्तान की भूमिका पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए।
भारत की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
वीडियो के वायरल होने के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियां इसे आतंकी मनोवैज्ञानिक युद्ध के रूप में देख रही हैं। जानकारों का मानना है कि ऐसे बयान भारत की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की असलियत उजागर करते हैं।












