नई दिल्ली : पाकिस्तान का उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा एक बार फिर भीषण आतंकी हिंसा की चपेट में आ गया है। लक्की मरवत जिले के मंजीवाला क्षेत्र में अज्ञात हमलावरों ने एक प्रमुख गैस पाइपलाइन को विस्फोटकों से उड़ा दिया, जिससे ऊर्जा आपूर्ति ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा और इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि धमाके के बाद गैस आपूर्ति बाधित हो गई है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
चेक पोस्ट पर हमला, कैप्टन समेत तीन जवानों की मौत
पाइपलाइन विस्फोट से पहले खैबर जिले में एक सुरक्षा चौकी पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने हमला किया। आतंकियों ने कथित तौर पर विस्फोटक ड्रोन का इस्तेमाल करने के बाद अंधाधुंध गोलीबारी की। इस हमले में पाकिस्तानी सेना के कैप्टन अब्बास शिनवारी सहित तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य जवान घायल हुए हैं।
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40 मिनट चली मुठभेड़, इलाके में तलाशी अभियान
हमले के बाद सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच करीब 40 मिनट तक भीषण मुठभेड़ चली, जिससे पूरा क्षेत्र दहल उठा। घायलों को नजदीकी सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अतिरिक्त बलों की तैनाती के साथ इलाके को घेरकर व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि हमलावरों का पता लगाया जा सके।
टीटीपी की बढ़ती सक्रियता से सुरक्षा चिंता
खैबर पख्तूनख्वा लंबे समय से टीटीपी और अन्य चरमपंथी संगठनों की गतिविधियों का केंद्र रहा है। हाल के वर्षों में सरकारी ठिकानों, सुरक्षा बलों और बुनियादी ढांचे पर हमलों की संख्या बढ़ी है, जिससे पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
बलूचिस्तान समेत कई प्रांतों में हिंसा
इससे पहले बलूचिस्तान में भी चरमपंथी हमलों की घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें भारी जनहानि हुई थी। विभिन्न प्रांतों में सक्रिय आतंकी समूहों के लगातार हमलों ने पाकिस्तान सरकार की सुरक्षा चुनौतियों को और जटिल बना दिया है।
क्षेत्रीय स्थिरता पर बढ़ता खतरा
ताजा हमले ने न केवल स्थानीय सुरक्षा हालात को प्रभावित किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकी नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई के बिना हिंसा की यह श्रृंखला थमना मुश्किल होगा।











