Khelo India Tribal Games 2026 : सुकमा। बस्तर के दूरस्थ वनांचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाने के लिए सुकमा जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए शनिवार को जिले में एक विशेष जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह वाहन जिले के कोने-कोने में जाकर युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा।
प्रचार वाहन ने अपनी यात्रा के पहले दिन जिले के विभिन्न शासकीय और अशासकीय स्कूलों का भ्रमण किया। इस दौरान आयोजित कार्यक्रमों में स्कूली छात्र-छात्राओं को ट्राइबल गेम्स के महत्व और इसमें शामिल होने वाली खेल विधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बच्चों को बताया गया कि पारंपरिक जनजातीय खेल न केवल उनकी संस्कृति का हिस्सा हैं, बल्कि अब ये करियर निर्माण और राष्ट्रीय गौरव हासिल करने का एक बड़ा माध्यम भी बन चुके हैं।
अभियान का मुख्य केंद्र ‘टैलेंट हंट’ यानी प्रतिभा चयन की प्रक्रिया रही। खेल विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को समझाया कि किस प्रकार वे चयन प्रक्रिया में शामिल होकर आधुनिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य उन प्रतिभावान खिलाड़ियों को खोज निकालना है, जो संसाधनों या जानकारी के अभाव में अब तक मुख्यधारा से दूर थे। स्कूलों में इस दौरान बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह जागरूकता का कारवां केवल शहरों या बड़े स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में यह वाहन सुकमा के दूरदराज के ब्लॉकों, गांवों और ग्रामीण हाट-बाजारों तक भी पहुंचेगा। इसके जरिए जनजातीय युवाओं को उनकी पारंपरिक खेल विधाओं जैसे तीरंदाजी, एथलेटिक्स और अन्य क्षेत्रीय खेलों को पेशेवर तरीके से अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस अभियान से न केवल जिले में खेलों के प्रति एक सकारात्मक माहौल बना है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं में यह विश्वास भी जागा है कि वे अपनी मेहनत के दम पर देश के लिए मेडल जीत सकते हैं। प्रशासन की इस सक्रियता को खेल प्रेमियों और शिक्षकों ने एक सराहनीय कदम बताया है, जो भविष्य में सुकमा को खेल हब के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा।











