Khandwa Forest Attack: खंडवा (मध्य प्रदेश)। जिले के खंडवा वन मंडल की गुड़ी वन परिक्षेत्र से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण रोकने और नियमित गश्त पर निकली वन विभाग की विशेष फ्लाइंग स्क्वॉड टीम पर कथित अतिक्रमणकारियों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने गोफन, पत्थरों और लाठियों से हमला कर दिया, जिसमें 8 से अधिक वनरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे वन विभाग में हड़कंप मच गया है और कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जंगल में पहले से घात लगाए बैठे थे हमलावर
Khandwa Forest Attack: जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर खंडवा वन मंडल के गुड़ी रेंज अंतर्गत आमा खुजरी बीट के कक्ष क्रमांक 748 और 749 में वन विभाग की विशेष फ्लाइंग स्क्वॉड नियमित गश्त और अतिक्रमण की निगरानी के लिए पहुंची थी। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे कथित अतिक्रमणकारियों ने अचानक टीम पर हमला बोल दिया।हमलावरों ने गोफन से पत्थरों की बौछार शुरू कर दी और बाद में लाठियों से भी हमला किया। अचानक हुए इस हमले से वनरक्षकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
8 वनरक्षक घायल, किसी का सिर फूटा तो किसी का कान कटा
Khandwa Forest Attack: हमले में वनरक्षक ज्वाला सिंह, रोमांक नायक, शैलेंद्र यादव, राजेंद्र सिंह सक्तावत, राजेंद्र बागड़ी, प्रदीप बघेल, चंद्रपाल तोमर और राहुल लोधी सहित 8 से अधिक कर्मचारी घायल हो गए। कुछ वनरक्षकों के सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि कुछ के कान और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरी चोटें आई हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
45 नए वनरक्षकों की थी विशेष फ्लाइंग स्क्वॉड
Khandwa Forest Attack: खंडवा के डीएफओ राकेश डामोर ने बताया कि वर्ष 2025 बैच के 45 नव नियुक्त वनरक्षकों को प्रशिक्षण के बाद गुड़ी रेंज में विशेष फ्लाइंग स्क्वॉड के रूप में तैनात किया गया था। टीम का उद्देश्य वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण रोकना और नियमित गश्त करना था।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद बढ़ा था तनाव
Khandwa Forest Attack: वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गुड़ी रेंज में लंबे समय से वन भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं। हाल ही में वन विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कई एकड़ वन भूमि से अतिक्रमण हटाया था। इसके बाद से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि उसी कार्रवाई के प्रतिशोध में यह हमला किया गया।
घायल वनकर्मियों ने लगाए गंभीर आरोप
Khandwa Forest Attack: घायल वनकर्मियों ने आरोप लगाया कि हमले की सूचना देने के बावजूद समय पर सहायता नहीं पहुंची। उनका कहना है कि गुड़ी रेंज के रेंजर नरेंद्र पटेल को घटना की जानकारी दी गई, लेकिन वे मौके पर पहुंचने के बजाय खंडवा चले गए।वनरक्षकों का आरोप है कि वे लगभग दो घंटे तक जंगल में घायल अवस्था में पड़े रहे, लेकिन न तो समय पर फर्स्ट एड मिली और न ही कोई राहत टीम पहुंची। इतना ही नहीं, पास में मौजूद दूसरी वन टीम भी हमलावरों के डर से जंगल के भीतर जाने की बजाय वापस लौट गई।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
Khandwa Forest Attack: इस घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। कर्मचारियों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, कड़ी कानूनी कार्रवाई और जंगल में ड्यूटी करने वाले वनरक्षकों के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
जांच में जुटा वन विभाग और पुलिस
Khandwa Forest Attack: घटना के बाद वरिष्ठ वन अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि हमले में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों पर हमला किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कानून के मुताबिक सख्त सजा दिलाई जाएगी।







