Kawad Yatra 2025 : सावन का महीना आते ही शिवभक्ति की लहर पूरे देश में उमड़ पड़ती है। हर तरफ “हर-हर महादेव” की गूंज, भगवा ध्वज और नंगे पांव श्रद्धालु कांवड़ लेकर निकल पड़ते हैं जलाभिषेक के लिए। लेकिन कई ऐसे श्रद्धालु हैं जो मन में भक्ति होने के बावजूद किसी कारणवश कांवड़ यात्रा में शामिल नहीं हो पाते। ऐसे भक्तों के लिए भी एक खुशखबरी है—आप घर बैठे भी इस पुण्य यात्रा का फल पा सकते हैं।
Kawad Yatra 2025 : कैसे घर बैठे मिल सकता है कांवड़ यात्रा का पुण्य?
1. जल अर्पण घर से करें:
सुबह स्नान कर शिवलिंग पर गंगाजल या शुद्ध जल चढ़ाएं। साथ में बेलपत्र, धतूरा और आक के फूल भी चढ़ाएं। यह क्रिया मानसिक रूप से वैसी ही पुण्यदायी मानी जाती है जैसे शिवधाम जाकर जल चढ़ाना।
2. 108 बार ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र जप:
हर दिन एक माला ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जप करें। इससे शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह जप कांवड़ यात्रा के समकक्ष पुण्य माना गया है।
3. वर्चुअल कांवड़ यात्रा:
अब कई धार्मिक संस्थाएं और मंदिर ऑनलाइन लाइव कांवड़ यात्रा दिखा रहे हैं। घर बैठे इनका दर्शन करें, और आस्था से जुड़ें। सोशल मीडिया पर भी लाइव जलाभिषेक का हिस्सा बन सकते हैं।
4. ब्रह्मचर्य और व्रत पालन:
कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले भक्त नियम, संयम और ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं। आप भी सावन के दौरान सात्विक भोजन करें, व्रत रखें और संयम से रहें।
5. शिव पुराण या रुद्राभिषेक पाठ करें:
घर में शिव पुराण का पाठ कराना या स्वयं पढ़ना, और रुद्राभिषेक करना, शिवभक्ति का श्रेष्ठ साधन है। इससे कांवड़ यात्रा के तुल्य पुण्य प्राप्त होता है।













