बेंगलुरु : कर्नाटक सरकार ने स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने एक नया सर्कुलर जारी करते हुए सभी सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों से हर महीने के पहले शनिवार को अपनी मर्जी से खादी से बने वस्त्र पहनकर कार्यालय आने की अपील की है। इस पहल का उद्देश्य खादी वस्त्रों और खादी से जुड़े उत्पादों को बढ़ावा देना है।
मुख्य सचिव ने जारी किया सर्कुलर
इस संबंध में मुख्य सचिव शालिनी रजनीश ने गुरुवार को आधिकारिक सर्कुलर जारी किया। इसमें कहा गया है कि खादी न केवल स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की भावना को भी मजबूत करती है। सरकार चाहती है कि प्रशासनिक व्यवस्था भी इस विचार से जुड़े।
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राष्ट्रीय पर्वों पर खादी पहनने की अपील
सर्कुलर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सरकारी कर्मचारी और अधिकारी स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और अन्य आधिकारिक कार्यक्रमों में भाग लेते समय खादी पहनने के लिए प्रोत्साहित किए जाएंगे। इससे सार्वजनिक सेवा और आजादी के मूल्यों के बीच जुड़ाव मजबूत होगा।
निगमों, बोर्डों और विश्वविद्यालयों पर भी लागू
यह निर्देश केवल राज्य सचिवालय तक सीमित नहीं है। इसके दायरे में सरकारी सहायता प्राप्त संस्थान, निगम, बोर्ड, स्वायत्त निकाय और विश्वविद्यालय भी शामिल हैं। सभी संस्थानों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने कर्मचारियों को इस पहल में स्वेच्छा से भाग लेने के लिए प्रेरित करें।
खादी से जुड़े मूल्यों को बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस कदम से स्वदेशी उत्पादों के प्रति सम्मान, राष्ट्रीय एकता, भारतीयता, आत्मसम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा मिलेगा। खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि विचार और संस्कार का प्रतीक है।
अतिरिक्त छूट का भी ऐलान
कर्नाटक राज्य सरकारी कर्मचारी संघ के अनुसार, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की दुकानों से खादी वस्त्र खरीदने पर कर्मचारियों को मौजूदा छूट के अलावा 5 प्रतिशत अतिरिक्त छूट भी दी जाएगी। पुरुष कर्मचारियों के लिए खादी शर्ट, पैंट और फॉर्मल वियर सुझाए गए हैं, जबकि महिला कर्मचारी खादी या खादी सिल्क की साड़ी और फॉर्मल परिधान पहन सकती हैं।
21 अप्रैल को होगा औपचारिक शुभारंभ
इस पूरी पहल को 21 अप्रैल को सरकारी कर्मचारी दिवस के अवसर पर औपचारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा। माना जा रहा है कि यह अभियान राज्य में खादी उद्योग को नई ऊर्जा देगा।











