नई दिल्ली : जापान के पूर्वी तट पर मंगलवार को एक तेज भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 6.8 मापी गई। झटका इतना तेज था कि इवाते प्रांत से लगे कई तटीय इलाकों में कंपन महसूस किए गए। जापान मौसम एजेंसी (JMA) ने तुरंत प्रभावित क्षेत्रों के लिए सुनामी चेतावनी जारी कर दी।
समुद्र में 10 किलोमीटर गहराई पर था केंद्र
भूकंप जापान समयानुसार शाम 5:03 बजे दर्ज किया गया। इसका केन्द्र इवाते प्रांत के यमादा शहर से लगभग 126 किलोमीटर पूर्व, उत्तर प्रशांत महासागर में 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में आने के कारण जापान भूकंप की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है, जहां टेक्टॉनिक प्लेटों की गतिशीलता अक्सर बड़े झटकों का कारण बनती है।
तटीय इलाकों में हलचल, 1 मीटर ऊंची लहरों की आशंका
भूकंप के बाद मियाको, यमादा और अन्य तटीय शहरों में अलर्ट जारी किया गया। एजेंसी ने चेतावनी दी थी कि कुछ स्थानों पर 1 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। सौभाग्य से न तो भारी नुकसान हुआ और न ही किसी के हताहत होने की जानकारी मिली। केवल कुछ स्थानों पर हल्की समुद्री लहरें दर्ज की गईं।
24 घंटे के भीतर कम से कम 7 भूकंप
विशेषज्ञों के अनुसार, यह भूकंप एक बड़े सिस्मिक स्वार्म का हिस्सा है। पिछले 24 घंटों में इस क्षेत्र में 5.0 या उससे अधिक तीव्रता के कम से कम सात भूकंप दर्ज किए गए।
इनमें प्रमुख झटके शामिल हैं:
- सुबह 6:04 बजे – 5.4 तीव्रता
- सुबह 7:33 बजे – 5.0 तीव्रता
- उसी दिन सुबह – 5.6 तीव्रता
- रात 12:17 बजे (UTC) – 5.1 तीव्रता
वहीं मुख्य झटके से पहले और बाद में भी 5.1 तीव्रता के कंपन महसूस किए गए थे। ये लगातार भूकंप इस बात का संकेत हैं कि क्षेत्र में टेक्टॉनिक तनाव बढ़ा हुआ है।
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वैज्ञानिकों की चेतावनी– बड़ा भूकंप आ सकता है
भूवैज्ञानिकों का कहना है कि प्रशांत प्लेट का ओखोटस्क प्लेट के नीचे धंसना लगातार तीव्र तनाव पैदा करता है। छोटे-छोटे झटके उस तनाव के रिलीज होने का संकेत हो सकते हैं, लेकिन यह भी संभावना है कि भविष्य में बड़ा भूकंप आने की स्थिति बन रही हो।हालांकि जापान की उन्नत आपदा प्रबंधन प्रणाली के कारण नुकसान को न्यूनतम रखा जा सका।











