Janjgir-Champa News: जांजगीर-चांपा। मध्यप्रदेश के इंदौर के पास एक परिवार के लिए खाना खाने के बाद शुरू हुई तबीयत खराब होने की घटना दर्दनाक हादसे में बदल गई। जांजगीर-चांपा के मुरलीडीह गांव के रहने वाले परिवार की तीन मासूम बेटियों की मौत हो गई। परिवार ने 23 अगस्त की शाम पिज्जा और बाद में दाल-बाटी खाया था। इसके बाद परिवार के पांचों सदस्यों की तबीयत बिगड़ने लगी। तीनों बच्चियों को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बच्चों के माता-पिता का इटारसी के अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक, जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र के ग्राम मुरलीडीह निवासी नरेंद्र सिंह सांडे इंदौर के पास पीथमपुर स्थित एल एंड टी कंपनी में रेडियल मशीन ऑपरेटर के रूप में काम करते हैं। वह अपनी पत्नी अमरोतिन और तीन बेटियों आशी (10), विशुका (8) और विधि (6) के साथ लाइफ सिटी कॉलोनी, काली बिल्लोद में रह रहे थे।
23 अगस्त की रात परिवार ने खाया था खाना
परिवार के अनुसार, 23 अगस्त की शाम सभी ने पिज्जा खाया था। इसके बाद वे अपने पारिवारिक मित्र संजय सोलंकी के घर खाने के लिए गए, जहां उन्होंने दाल-बाटी खाई। बताया गया कि उसी रात परिवार के पांचों सदस्यों की तबीयत बिगड़ने लगी।
बच्चियों को उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई। उनकी हालत लगातार खराब होती गई। परिवार के मुताबिक, रात करीब 2 बजे उन्होंने दाल, चावल और रोटी-सब्जी भी खाया था। हालांकि, किस खाद्य पदार्थ के कारण तबीयत बिगड़ी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
दो बच्चियों ने अस्पताल में दम तोड़ा
विशुका और विधि की हालत ज्यादा गंभीर होने पर उन्हें रात करीब 3 बजे लाइफ सिटी के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने दोनों का इलाज शुरू किया, लेकिन 25 अगस्त की रात दोनों बच्चियों की मौत हो गई।
दो बेटियों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजन दोनों के शव लेकर अपने पैतृक गांव मुरलीडीह के लिए रवाना हो गए।
रास्ते में तीसरी बेटी की भी हालत बिगड़ी
दो बच्चियों के शव लेकर परिवार एंबुलेंस से गांव लौट रहा था। इसी दौरान 10 साल की बड़ी बेटी आशी की तबीयत अचानक ज्यादा खराब हो गई। उसकी हालत देखकर परिजनों ने एंबुलेंस को इटारसी के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय अस्पताल की ओर मोड़ दिया।
आशी को अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। इलाज के दौरान 26 अगस्त को उसकी भी मौत हो गई।
इटारसी पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद इटारसी पुलिस अस्पताल पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। बच्चियों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस अब बिसरा सैंपल फॉरेंसिक लैब भेजने की तैयारी कर रही है।
पुलिस की टीम परिवार के काली बिल्लोद स्थित घर से खाने-पीने की चीजों और पानी के सैंपल भी ले रही है। इन सैंपल की जांच के बाद ही बच्चियों की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
फूड पॉइजनिंग की आशंका, कारण अभी साफ नहीं
प्रारंभिक जांच में बच्चियों की मौत का कारण फूड पॉइजनिंग होने की आशंका जताई जा रही है। खाना खाने के कुछ समय बाद परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ी और उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि फूड पॉइजनिंग किस चीज को खाने से हुई। पुलिस पिज्जा और दाल-बाटी समेत परिवार द्वारा खाए गए अन्य खाद्य पदार्थों की भी जांच कर रही है।
मेजबान परिवार पूरी तरह स्वस्थ
बेटमा थाना प्रभारी रंजीत बघेल के मुताबिक, परिवार ने 23 अगस्त की शाम पिज्जा खाया था। इसके बाद वे अपने पारिवारिक मित्र के घर भोजन के लिए गए थे। 24 अगस्त को परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ी, जबकि जिस परिवार के घर उन्होंने खाना खाया था, वहां के लोग स्वस्थ हैं।
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती तौर पर पिज्जा से फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। बिसरा और खाद्य पदार्थों के सैंपल की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
माता-पिता का इटारसी में इलाज जारी
तीनों बच्चियों के माता-पिता नरेंद्र और अमरोतिन का इटारसी के अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिवार के पांचों सदस्यों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के लिए ले जाया गया था।
Janjgir-Champa News: पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि परिवार के सभी सदस्यों की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी और तीनों बच्चियों की मौत की वास्तविक वजह क्या थी। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बिसरा जांच और खाद्य पदार्थों के सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि तीनों बच्चियों की मौत फूड पॉइजनिंग के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।





