Janjgir-Champa News: जांजगीर-चाम्पा : धान के कटोरे छत्तीसगढ़ में अब सिर्फ धान ही नहीं, फूल भी किसानों की तकदीर लिखेंगे! जांजगीर-चांपा में 3 नवंबर को प्रदेश का पहला “गेंदा तिहार” मनाया जाएगा, जहां किसानों को फूलों की खेती से कमाई के नए रास्ते दिखाए जाएंगे।
जांजगीर के कृषि विज्ञान केंद्र (जर्वे) में करीब एक एकड़ क्षेत्र में गेंदे की अलग-अलग प्रजातियां खिलकर लहलहा रही हैं। रंग-बिरंगे फूलों की ये बहार किसानों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसी बहार के बीच 3 नवंबर को छत्तीसगढ़ का पहला गेंदा तिहार आयोजित होगा, जिसमें जिले के किसानों को फूलों की खेती की संभावनाओं, उन्नत उत्पादन तकनीक और फसल विविधीकरण की जानकारी दी जाएगी।
एक ही फसल पर निर्भरता घटाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार विविधीकृत खेती को बढ़ावा दे रही है। उद्यानिकी विभाग की योजनाओं और कृषि विज्ञान केंद्र के मार्गदर्शन में जिले के सैकड़ों किसान गेंदे की खेती अपना चुके हैं। फूलों की बढ़ती मांग के बीच यह खेती अतिरिक्त आय का बड़ा जरिया बन सकती है। यानी धान के लिए पहचाना जाने वाला जांजगीर-चांपा अब फूलों की खेती से भी नई पहचान गढ़ने की राह पर है।
Janjgir-Champa News: फसल विविधीकरण के साथ-साथ सरकार फसल चक्र, जैविक खाद और संतुलित कृषि पद्धतियों पर भी जोर दे रही है, ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और खेती लंबे समय तक फायदे का सौदा साबित हो। गेंदा तिहार को इसी बदलाव की नई पहल के रूप में देखा जा रहा है। उम्मीद है कि फूलों की यह खेती जांजगीर-चांपा के किसानों की समृद्धि की नई इबारत लिखेगी।