Thursday, August 20, 2026
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America-Iran War : ट्रंप ने दी जंग की धमकी! भड़का ईरान, खामेनेई के करीबी ने किया चैलेंज

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य-पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा परमाणु समझौते को लेकर दी जा रही कड़ी चेतावनियों के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि वह बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी तरह की अमेरिकी शर्तों को स्वीकार नहीं करेगा।

ईरानी संसद अध्यक्ष का अमेरिका को स्पष्ट संदेश

ईरान की संसद (मजलिस) के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने तेहरान में सीएनएन को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान बातचीत से पीछे नहीं हट रहा, लेकिन वॉशिंगटन को अपनी “आदेशात्मक नीति” छोड़नी होगी। गालिबाफ के मुताबिक, अमेरिका यदि वास्तव में समाधान चाहता है तो उसे ईमानदारी दिखानी होगी, न कि दबाव और धमकियों के जरिए समझौता थोपने की कोशिश करनी चाहिए।

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मध्य-पूर्व में अमेरिकी सैन्य जमावड़ा

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। ट्रंप लगातार यह संकेत दे रहे हैं कि अगर ईरान ने परमाणु समझौते पर जल्द कदम नहीं उठाए तो सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। गालिबाफ ने चेतावनी दी कि अगर ईरान पर हमला हुआ, तो अमेरिकी सैनिक और उनके सहयोगी सीधे निशाने पर होंगे।

प्रतिबंधों को बताया संकट की जड़

ईरान के भीतर जारी आर्थिक संकट को लेकर गालिबाफ ने आंशिक रूप से सरकारी कुप्रबंधन को स्वीकार किया, लेकिन मुख्य रूप से इसके लिए अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि देश में हुई हिंसक झड़पों में मारे गए सुरक्षाकर्मियों का बदला लिया जाएगा।

ट्रंप की चेतावनी और ईरान की जवाबी तैयारी

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए ईरान को चेताया कि उसे “परमाणु हथियारों से मुक्त” समझौते के लिए तुरंत बातचीत करनी होगी। इसके जवाब में ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने भी तीखा रुख अपनाया है। सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली शमखानी और विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने साफ कहा कि किसी भी हमले का जवाब तत्काल और बेहद सख्त होगा।

भविष्य पर मंडराता युद्ध का साया

जून 2025 में हुए अमेरिकी सैन्य अभियानों के बाद से यह क्षेत्र अब तक के सबसे बड़े सैन्य तनाव का सामना कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों पक्ष पीछे नहीं हटे, तो यह टकराव केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि सैन्य संघर्ष में भी बदल सकता है।

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