Indore News : इंदौर : इंदौर के शासकीय डेंटल कॉलेज से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां समय की पाबंदी सिखाना तीन सीनियर छात्राओं को भारी पड़ गया। जिसमें कॉलेज में सीनियर और जूनियर के बीच हुई एक सामान्य समझाइश, देखते ही देखते रैगिंग का मामला बन गई और नतीजा यह रहा कि तीन सीनियर छात्राएं 15 दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया गया।
Indore News : दरअसल यह मामला इंदौर के शासकीय डेंटल कॉलेज का है। यहां सेकंड ईयर की तीन सीनियर छात्राओं ने अपने जूनियर छात्रों को कॉलेज समय पर आने की सलाह दी थी।लेकिन यह समझाइश कुछ छात्रों को इतनी नागवार गुजरी कि फर्स्ट ईयर एमडीएस की चार छात्राओं और एक छात्र ने बिना नाम उजागर किए यूजीसी से शिकायत कर दी। जिसमें शिकायत मिलते ही यूजीसी के आदेश पर नियमों के तहत कॉलेज प्रबंधन ने पूरे मामले की जांच एंटी रैगिंग कमेटी को सौंप दी।
Indore News : वही जांच के दौरान सीनियर छात्राओं ने यह बात स्वीकार की कि उन्होंने जूनियर छात्रों को सिर्फ समय पर कॉलेज आने के लिए समझाया था, लेकिन उन्होंने जूनियर छात्रों को ना कोई धमकी दी और ना कोई अपमान किया। लेकिन सीनियर और जूनियर के बीच हुई इस छोटी-सी बातचीत को रैगिंग का रूप दे दिया गया। एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज प्रबंधन ने तीनों सीनियर छात्राओं को 15 दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया। वही अब सवाल ये उठता है कि क्या अनुशासन सिखाना रैगिंग में श्रेणी में आता है।













