Indore News : इंदौर: फैमिली कोर्ट में एक अनोखा मामला सामने आया है, जिसमें पति ने अपने हाथ पर प्रेमिका का टैटू बनवाकर तलाक की याचिका दाखिल की, लेकिन कोर्ट ने पति की याचिका खारिज कर दी। मामला भागीरथपुरा आर्य समाज, इंदौर का है, जहाँ मोबाइल शॉप के एक व्यापारी ने अपने प्रेम विवाह के बाद पत्नी से तलाक लेने की कोशिश की।
Indore News : पत्नी ने कोर्ट में बताया कि पति ने झूठे आरोप लगाकर तलाक की याचिका दाखिल की थी। पति ने दावा किया कि पत्नी ने उसे सफेद दाग की बीमारी के बारे में छुपाया और उसे परेशान किया, जबकि सच्चाई यह थी कि पति ने स्वयं पत्नी और बच्चों को छोड़कर बाहर रहने लगा और अन्य महिलाओं के संपर्क में रहा। पति ने अपनी प्रेमिका को प्रभावित करने के लिए अपने हाथ पर टैटू बनवाया और उसका फोटो सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर शेयर किया।
Indore News : पत्नी के वकील ने कोर्ट में इस टैटू को दिखाने का सवाल उठाया, लेकिन पति ने हाथ दिखाने से मना कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने पति का दुराशय समझते हुए उसकी तलाक याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने पाया कि पति स्वयं अपनी गलतियों का जिम्मेदार था और उसने अपने अवैध संबंध और अन्य व्यवहारों के चलते तलाक का लाभ लेने की कोशिश की।
Indore News : पत्नी ने यह भी बताया कि शादी के दौरान और बाद में पति व उसके ससुरालजनों द्वारा उसे बार-बार प्रताड़ित किया गया। ससुरालजन ने बहू को नीचा दिखाने और सफेद दाग के कारण अपमानित करने की कोशिश की। उन्होंने अवैध रूप से 10 लाख रुपए की मांग की और कई बार पत्नी को अपने बच्चों व परिवार की सुरक्षा के लिए अलग रहने को मजबूर किया।
पीड़िता ने कोर्ट में साबित किया कि पति ने कई बार माफी मांगकर स्वयं सुधार दिखाने का ढोंग किया, लेकिन बाद में वह अन्य महिलाओं के संपर्क में रहा। कोर्ट में पत्नी ने फोटो और सबूत पेश किए, जिनसे पता चला कि पति का आरोप झूठा था। जब कोर्ट में सफेद दाग की बीमारी को लेकर पति का दावा खारिज किया गया, तो वह गोलमोल जवाब देने लगा।
Indore News : अंततः कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पति का तलाक का दावा आधारहीन है और पत्नी के खिलाफ कोई याचिका मंजूर नहीं की जा सकती। यह मामला यह साबित करता है कि अवैध संबंध और झूठे आरोपों के आधार पर तलाक की मांग करना न्यायालय में सफल नहीं हो सकता।











