Indore Crime : इंदौर : मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ के एक बारहवीं के टॉपर छात्र को चलती बस से पकड़कर ड्रग तस्करी के फर्जी मामले में आरोपी बनाए जाने की सुनवाई आज इंदौर हाईकोर्ट में हुई। इस मामले में पाँच दिसंबर को सोहनलाल नामक व्यक्ति की ओर से याचिका दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पुलिस ने छात्र को बस से अवैध तरीके से उतारकर किडनैप किया और शाम को 2.7 किलो अफीम बरामद दिखाकर उस पर झूठा केस दर्ज किया, इस मामले में मंदसौर एस पी विनोद मीणा के बयानों के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
Indore Crime : सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मंदसौर जिले के एसपी विनोद मीणा को उपस्थित होने के आदेश दिए थे। जहां एसपी मरना आज कोर्ट के सामने पेश हुए और उन्होंने स्वीकार किया कि मल्हारगढ़ पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई अवैधानिक थी और जांच प्रक्रिया नियमानुसार नहीं की गई थी। कोर्ट ने यह भी प्रश्न उठाया कि पुलिस ने पहले दावा किया था कि बस में चढ़ने वाले व्यक्तियों को वे नहीं जानते, जबकि एसपी मोदी मीणा ने स्वीकार किया कि वे सभी पुलिसकर्मी ही थे और कार्रवाई का नेतृत्व मल्हारगढ़ के हेड कॉन्स्टेबल कर रहे थे।
Indore Crime : एसपी मीणा ने अदालत को अवगत कराया कि संबंधित छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने जांच सूची भी कोर्ट में प्रस्तुत की। पूरे मामले में कोर्ट ने पीड़ित पक्ष के बयानों और एसपी मीणा के बयानों को दर्ज करने के बाद उच्च न्यायालय ने आदेश सुरक्षित रख लिया है और अगली सुनवाई की तारीख घोषित नहीं की है।











