इंदौर : इंदौर में दूषित पानी की आपूर्ति से उपजे जनस्वास्थ्य संकट को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध का बिगुल फूंक दिया है। इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस बड़े स्तर पर आंदोलन की तैयारी में जुट गई है। पार्टी का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण आम नागरिकों की सेहत खतरे में पड़ गई है।
प्रदर्शन से पहले संगठन को मजबूत करने में जुटी कांग्रेस
कांग्रेस ने 11 जनवरी को इंदौर में प्रस्तावित बड़े विरोध प्रदर्शन से पहले संगठनात्मक तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी कड़ी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी इंदौर जिले की दो महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों — सांवेर और देपालपुर — में कार्यकर्ताओं के साथ रणनीतिक बैठकें करेंगे।
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सांवेर और देपालपुर में होगी अहम बैठकें
कार्यक्रम के अनुसार, जीतू पटवारी सुबह 11 बजे सांवेर विधानसभा में पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे देपालपुर विधानसभा में संगठनात्मक बैठक प्रस्तावित है। इन बैठकों में प्रदर्शन की रूपरेखा, जनसंपर्क अभियान और जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाएगा।
जनस्वास्थ्य और स्वच्छ जल पर फोकस
कांग्रेस का कहना है कि दूषित पानी की आपूर्ति केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ा गंभीर विषय है। पार्टी ने मांग की है कि पानी की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही सुरक्षित और ईको-फ्रेंडली जल प्रबंधन प्रणाली लागू करने की जरूरत बताई गई है।
11 जनवरी को इंदौर में दिखेगा जनआक्रोश
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि 11 जनवरी को होने वाला प्रदर्शन जनआक्रोश की आवाज बनेगा। पार्टी का उद्देश्य सरकार को यह संदेश देना है कि स्वच्छ पेयजल नागरिकों का मूल अधिकार है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।











