India’s diplomacy : नई दिल्ली। वैश्विक व्यापार युद्ध (Trade War) और सप्लाई चेन के संकट के बीच भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत सामने आई है। चीन ने रेयर अर्थ मेटल्स (Rare Earth Metals) के निर्यात पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों में नागरिक उपयोग (Civilian Use) के लिए ढील देने का फैसला किया है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ खतरों के बाद चीन ने इन महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई रोककर दुनिया में हड़कंप मचा दिया था।
भारत के प्रयासों का असर: विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के निरंतर राजनयिक प्रयासों और सप्लाई संबंधी चिंताओं को प्रमुखता से उठाने के बाद चीन ने यह निर्णय लिया है। चीनी विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि कुछ घरेलू कंपनियों के निर्यात आवेदनों को मंजूरी दे दी गई है। इससे साफ है कि स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में उपयोग होने वाले रेयर अर्थ मेटल्स की शिपमेंट अब फिर से शुरू हो सकेगी।
दोहरे उपयोग पर नियंत्रण बरकरार: चीन ने स्पष्ट किया है कि यह ढील केवल नागरिक उपयोग तक सीमित है। रक्षा उपकरणों (Defense Equipment) में इस्तेमाल होने वाले मध्यम और भारी रेयर अर्थ मेटल्स पर प्रतिबंध जारी रहेंगे। ड्रैगन का तर्क है कि यह नियंत्रण अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुरूप है ताकि इन धातुओं का उपयोग सैन्य शक्ति बढ़ाने में न हो सके।
क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर? रेयर अर्थ मेटल्स आधुनिक तकनीक की रीढ़ हैं। चिप निर्माण से लेकर रिन्यूएबल एनर्जी तक, हर जगह इनकी जरूरत होती है। चीन द्वारा निर्यात पर रोक लगाने से वैश्विक बाजार में कीमतों में उछाल और उत्पादन ठप होने का खतरा मंडरा रहा था। भारत के लिए यह राहत इसलिए भी बड़ी है क्योंकि भारत अपनी हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को तेजी से बढ़ा रहा है।











