नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत जोरदार बिकवाली के साथ हुई। वैश्विक बाजारों में जारी उथल-पुथल और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसका असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दिया, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही अहम स्तरों से नीचे फिसल गए। इसके साथ ही भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।
शुरुआती कारोबार में बाजार लड़खड़ाया
बुधवार सुबह करीब 09:15 बजे, बीएसई सेंसेक्स 385 अंकों की गिरावट के साथ 81,794 पर खुला। वहीं एनएसई निफ्टी 91 अंक टूटकर 25,141 के स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती कुछ मिनटों में हल्की रिकवरी दिखी, लेकिन जल्द ही बाजार पर बिकवाली का दबाव हावी हो गया।
रुपये की ऐतिहासिक गिरावट ने बढ़ाई चिंता
शेयर बाजार की कमजोरी के साथ-साथ मुद्रा बाजार से भी नकारात्मक संकेत मिले। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 91.07 के स्तर पर खुला, जो अब तक का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। रुपये की इस गिरावट से आयात महंगा होने और महंगाई बढ़ने की आशंका गहराने लगी है।
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वैश्विक बाजारों का असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी और ग्रीनलैंड से जुड़े बयान ने वैश्विक बाजारों को हिला दिया। वॉल स्ट्रीट में आई भारी गिरावट का असर एशियाई बाजारों और भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ देखने को मिला।
अमेरिकी बाजारों में बड़ी गिरावट
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार तीन महीने की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट के साथ बंद हुए।
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डॉऊ जोन्स: 1.76% की गिरावट
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नैस्डैक: 2.39% फिसला
एप्पल, टेस्ला और एनवीडिया जैसे दिग्गज शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली।
सोना-चांदी चमके, कच्चा तेल फिसला
अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया।
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सोना: 0.8% की तेजी, 4,806 डॉलर प्रति औंस (रिकॉर्ड स्तर)
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चांदी: 95.01 डॉलर प्रति औंस
वहीं कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
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ब्रेंट क्रूड: 64.07 डॉलर प्रति बैरल
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WTI क्रूड: 59.65 डॉलर प्रति बैरल
निवेशकों को दो दिन में बड़ा झटका
ट्रंप के बयानों और वैश्विक तनाव के चलते भारतीय निवेशकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले दो दिनों में करीब 13 लाख करोड़ रुपये की निवेशक संपत्ति स्वाहा हो गई।
आगे क्या रहेगी बाजार की दिशा
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों और बजट से पहले की अनिश्चितता के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।











