निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : भारतीय सेना (Indian Army) की युद्ध क्षमता को नई ऊंचाई देने के लिए रक्षा मंत्रालय ने करीब 80 हजार करोड़ रुपये की बड़ी रक्षा खरीद और अपग्रेड योजनाओं को मंजूरी दे दी है। यह फैसला 29 दिसंबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) की बैठक में लिया गया।
DAC बैठक में कौन-कौन रहा शामिल
इस अहम बैठक में रक्षा राज्य मंत्री, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS), तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा सचिव और DRDO प्रमुख मौजूद रहे। बैठक में भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई रणनीतिक प्रस्तावों पर सहमति बनी।
मुख्य रक्षा मंजूरियां क्या हैं
DAC ने नौसेना और वायुसेना के लिए MRSAM (मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल) की खरीद को मंजूरी दी है, जिससे हवाई और समुद्री सुरक्षा और मजबूत होगी।सेना के करीब 200 टी-90 भीष्म टैंकों का स्वदेशी तरीके से मिड-लाइफ ओवरहॉल और अपग्रेड किया जाएगा, जिससे उनकी उम्र और मारक क्षमता बढ़ेगी।
DAC, chaired by Raksha Mantri Shri Rajnath Singh, accords AoN worth 79,000 crore for Army, Navy & Air Force. Approvals include loiter munitions, Pinaka guided rockets, counter-drone systems, HALE RPAS, Astra Mk-II & SPICE-1000 and others major boost to India’s combat readiness.… pic.twitter.com/K3QpYlWKVR
— Manish Prasad (@manishindiatv) December 29, 2025
वायुसेना को मिलेगी लंबी दूरी की ताकत
वायुसेना के लिए Astra Mark-2 एयर-टू-एयर मिसाइल (200 किमी से ज्यादा रेंज) के विकास और खरीद को हरी झंडी दी गई है। इसके साथ ही कुछ Meteor मिसाइलें भी शामिल होंगी।
इसके अलावा Mi-17 हेलीकॉप्टरों के मिड-लाइफ अपग्रेड को मंजूरी दी गई है।
The Defence Acquisition Council (DAC), chaired by Raksha Mantri Rajnath Singh, has accorded Acceptance of Necessity (AoN) for various proposals of the three Services amounting to a total of about Rs 79,000 crore. During the meeting held on December 29, 2025, AoN was approved for… pic.twitter.com/agLzBmCNiR
— ANI (@ANI) December 29, 2025
आधुनिक युद्ध के लिए नई तकनीक
DAC ने लोइटरिंग मुनिशन (कामिकाज़ ड्रोन) की खरीद, 120 किमी रेंज वाले नए पिनाका रॉकेट के विकास और SPICE-1000 प्रिसिजन गाइडेड बम पर भी चर्चा की।साथ ही एयर-टू-एयर रिफ्यूलर और AWACS से जुड़े प्रस्तावों में बदलाव को मंजूरी दी गई।
इन फैसलों का रणनीतिक महत्व
ये फैसले भारत की सैन्य ताकत को आधुनिक बनाने, स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने और सीमाओं पर मजबूत संदेश देने में अहम भूमिका निभाएंगे। सभी प्रस्तावों को आगे कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।











