नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात में कहा कि भारत-चीन संबंधों में सुधार के लिए सीमा पर शांति बनाए रखना बेहद जरूरी है। जयशंकर ने बताया कि दोनों देश कठिन दौर से गुजर रहे हैं और आगे बढ़ने के लिए साफ और सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाना होगा।
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जयशंकर ने बैठक में तीन परस्पर सिद्धांतों—आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित—के आधार पर काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मतभेद विवाद, प्रतिस्पर्धा और संघर्ष में बदलने के बजाय रचनात्मक तरीके से हल किए जाने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिमी हिमालय में विवादित सीमा पर अग्रिम चौकियों से सैनिकों की वापसी की आवश्यकता पर भी ध्यान दिलाया।
विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ लड़ाई दोनों देशों के लिए एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। इस दिशा में सहयोग से न केवल सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि द्विपक्षीय संबंधों में स्थिरता और भरोसा भी बढ़ेगा।
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जयशंकर ने उम्मीद जताई कि ये चर्चा भारत और चीन के बीच एक स्थिर, सहयोगात्मक और दूरदर्शी संबंध स्थापित करने में मदद करेगी, जो दोनों देशों के हितों की पूर्ति और चिंताओं के समाधान में योगदान देगी।
चीनी विदेश मंत्री वांग यी 18 और 19 अगस्त के बीच भारत में रहेंगे और इस दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी मुलाकात करेंगे।






