नई दिल्ली | दिल्ली में होने वाली नीति आयोग की आगामी बैठक छत्तीसगढ़ के लिए एक नई राजनीतिक तस्वीर पेश करने जा रही है। पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ प्रदेश के तीन उपमुख्यमंत्री – अरुण साव, विजय शर्मा और अजय चंद्राकर एक साथ शामिल होंगे।
यह अवसर इसलिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि छत्तीसगढ़ में भाजपा की नई सरकार बनने के बाद यह पहला मौका है जब शीर्ष नेतृत्व नीति निर्धारण की राष्ट्रीय मंच पर एकसाथ उपस्थित रहेगा। बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने, विकास लक्ष्यों को साधने और राज्यों की प्राथमिकताओं को राष्ट्रीय योजना से जोड़ने पर मंथन होगा।
मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ टीम राज्य के विकास के लिए सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, निवेश और आदिवासी क्षेत्रों की योजनाओं पर अपना रोडमैप सामने रखेगी। उपमुख्यमंत्रियों की मौजूदगी यह संदेश देगी कि छत्तीसगढ़ एकजुट होकर केंद्र के साथ समन्वय की दिशा में अग्रसर है।
नीति आयोग की इस बैठक से यह भी उम्मीद की जा रही है कि छत्तीसगढ़ को विशेष सहायता या योजनागत प्राथमिकता प्राप्त हो सकती है, खासकर नक्सल प्रभावित और पिछड़े इलाकों के विकास को लेकर।











