impeachment motion : नई दिल्ली। मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन को हटाने की मांग करते हुए 100 से अधिक सांसदों द्वारा लाए गए महाभियोग प्रस्ताव के खिलाफ न्यायपालिका जगत में बड़ा विरोध सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जजों और कई हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीशों सहित 50 से अधिक पूर्व न्यायाधीशों ने एक कड़े शब्दों वाला पत्र जारी कर इस राजनीतिक कदम की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस प्रयास को “जजों को डराने-धमकाने की खुली कोशिश” बताते हुए न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर गंभीर खतरा बताया है।
impeachment motion : कार्तिगई दीपम’ आदेश बना विवाद का केंद्र
यह पूरा विवाद मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन के उस आदेश के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने तिरुप्परंकुंद्रम हिल पर स्थित दीपथून स्तंभ पर कार्तिगई दीपम का दीप जलाने का निर्देश दिया था। यह स्थान सिकंदर बादूशा दरगाह के पास होने के कारण संवेदनशील माना जाता रहा है। जस्टिस स्वामीनाथन ने तर्क दिया था कि दीप न जलाने से पहाड़ी पर मंदिर के अधिकार कमजोर हो सकते हैं, जहां कथित अतिक्रमण की शिकायतें उठती रही हैं। हालांकि, तमिलनाडु सरकार ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देते हुए इस आदेश को लागू करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस और हिंदू संगठनों के बीच झड़पें भी हुईं।
impeachment motion : महाभियोग की मांग को बताया ‘सतही और अपर्याप्त’
पूर्व न्यायाधीशों ने पत्र में स्पष्ट किया है कि कार्तिगई दीपम दीप-प्रज्वलन मामले में दिए गए निर्णय के आधार पर जस्टिस स्वामीनाथन को हटाने की कोशिश लोकतंत्र और न्यायपालिका की स्वतंत्रता की जड़ें हिला देने वाली है। उन्होंने कहा कि सांसदों द्वारा महाभियोग के लिए बताए गए कारण “सतही” हैं और इतने गंभीर संवैधानिक कदम के लिए “बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं” हैं।
impeachment motion : न्यायपालिका को कमजोर करने की ‘लंबी राजनीतिक परंपरा’
पूर्व जजों ने इस कोशिश को न्यायपालिका को कमजोर करने वाली “लंबी और चिंताजनक राजनीतिक परंपरा” का हिस्सा बताया। उन्होंने आपातकाल के बाद तीन वरिष्ठ जजों की अनदेखी, जस्टिस एचआर खन्ना की उपेक्षा और हाल ही में पूर्व मुख्य न्यायाधीशों रंजन गोगोई, एसए बोबडे, डीवाई चंद्रचूड़ और वर्तमान सीजेआई सूर्याकांत के खिलाफ चलाए गए राजनीतिक अभियानों का उल्लेख किया। उन्होंने चेतावनी दी कि महाभियोग जैसे संवैधानिक प्रावधान का इस्तेमाल “आर्म-ट्विस्टिंग और बदले की राजनीति के हथियार” के रूप में नहीं किया जा सकता।
impeachment motion : चेतावनी: ‘आज निशाना एक जज है, कल पूरा संस्थान’
पत्र में पूर्व न्यायाधीशों ने यह कहते हुए गंभीर चेतावनी दी, “आज निशाना एक जज है, कल पूरा संस्थान निशाने पर होगा।” उन्होंने सांसदों, बार काउंसिल, सिविल सोसाइटी और नागरिकों से अपील की कि इस कदम को शुरुआत में ही रोका जाए। पूर्व जजों ने जोर देकर कहा कि जज केवल संविधान के प्रति जवाबदेह होते हैं, न कि राजनीतिक समूहों की पसंद-नापसंद के प्रति।
दूसरी ओर, तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेन्द्रन ने महाभियोग प्रस्ताव को “लोकतंत्र के लिए खतरनाक” बताया और कहा कि जस्टिस स्वामीनाथन ने कोई अपराध नहीं किया है। उन्होंने DMK पर आरोप लगाया कि वह न्यायिक फैसले तभी स्वीकार करती है जब वे उसके हित में हों।











