बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सहायक उपनिरीक्षक हीरामन मंडावी की आत्महत्या के बाद पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के आरोपों की तीव्र चर्चा हुई। निशानेबाज़ खबर का असर दल्ली राजहरा थाना प्रभारी को तुरंत हटाया गया। बता दे की समाज ने तत्काल विवादित थाना प्रभारी की जिम्मेदारी बदलने की मांग की थी।
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समाज के नेताओं का कहना था कि थाना प्रभारी की अवैध धन वसूली और कर्मचारियों पर दबाव ने मंडावी को मानसिक रूप से तनावग्रस्त कर दिया। इसके साथ ही आदिवासी पुलिस अधिकारियों के साथ अपमानजनक व्यवहार ने स्थिति और गंभीर बना दी थी।
पुलिस विभाग की कार्रवाई:
सामाजिक दबाव और संवेदनशील मामले को देखते हुए प्रशासन ने विवादित थाना प्रभारी को उनके पद से हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया। इस निर्णय को जिलाध्यक्ष तुकाराम कोर्राम ने आदिवासी समाज की न्याय और स्वाभिमान की जीत बताया।
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आंदोलन की चेतावनी:
सर्व आदिवासी समाज ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं की गई, तो राज्य स्तर पर व्यापक आंदोलन और चक्का जाम जैसी शांतिपूर्ण चेतावनी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।











