गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान गड़बड़ियों को रोकने के लिए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में प्रशासन ने निगरानी और सख्ती तेज कर दी है। इसी क्रम में उड़नदस्ता दल ने अवैध परिवहन और तय सीमा से अधिक भंडारण के मामलों में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई से धान की अवैध खरीद-फरोख्त और सीमा पार परिवहन पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
बिना दस्तावेज धान ले जाते दो वाहन पकड़े गए
गौरेला और पेंड्रा उड़नदस्ता दल की संयुक्त टीम ने ग्राम लाटा, पेंड्रा क्षेत्र में चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध वाहनों को रोका। ये वाहन मध्यप्रदेश की ओर से जिले में प्रवेश कर रहे थे। जांच के दौरान वाहन क्रमांक MP 65G 1181 और CG 22M 4503 में ले जाए जा रहे धान से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों वाहनों से कुल 144 बोरी धान, जिसकी अनुमानित मात्रा करीब 60 क्विंटल है, जब्त कर ली गई। जब्त धान की अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 86 हजार रुपये आंकी गई है।
तय सीमा से अधिक भंडारण पर किसान के यहां कार्रवाई
इसी के साथ जिला स्तरीय विशेष चेकिंग दल ने अवैध भंडारण के एक अन्य मामले में भी कार्रवाई की। ग्राम धोबहर निवासी किसान अवधराम पांडे के निवास पर निरीक्षण के दौरान निर्धारित सीमा से अधिक धान का स्टॉक पाया गया।
जांच में किसान के यहां 132 बोरी धान, लगभग 53 क्विंटल, तय सीमा से अधिक संग्रहित मिला। नियमों के तहत इस धान को जब्त कर लिया गया है और फिलहाल उसे किसान की सुपुर्दगी में सुरक्षित रखा गया है।
आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू
जब्त किए गए धान और संबंधित वाहनों को आगे की जांच और वैधानिक कार्रवाई के लिए किसान एवं रक्षित आरक्षी केंद्र, अमरपुर (पेंड्रा) को सौंप दिया गया है। प्रशासन द्वारा संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है और दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश – अवैध धान कारोबार पर नहीं होगी ढिलाई
यह पूरी कार्रवाई उड़नदस्ता दल के तहसीलदार शेषनारायण जायसवाल और अविनाश कुजूर के नेतृत्व में की गई। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए अवैध परिवहन, भंडारण और खरीद-फरोख्त के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में जिलेभर में इसी तरह की सघन जांच जारी रहेगी, ताकि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।











