जांजगीर-चांपा: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग दंपती ने 6 साल की मासूम को कार से कुचलने के बाद उसे अस्पताल ले जाने की बजाय गायब कर दिया। यह घटना बलौदा थाना क्षेत्र के बछौद गांव में गुरुवार शाम हुई, जब बच्ची शिवांगी पटेल अपने घर के बाहर खेल रही थी। कोरबा निवासी 70 वर्षीय देवेंद्र प्रसाद वर्मा और उनकी पत्नी रानी देवी ने अपनी तेज रफ्तार i10 कार से मासूम को टक्कर मारी। गंभीर रूप से घायल बच्ची को अस्पताल पहुंचाने के बजाय आरोपी दंपती उसे कार में डालकर कोरबा की ओर रवाना हो गए, जहां रास्ते में उसकी मौत हो गई।
इसके बाद शव को छिपाने के लिए आरोपियों ने रातभर शव को कार में ही रखा और अगले दिन ठिकाने लगाने की योजना बनाते समय पुलिस के हत्थे चढ़ गए। बच्ची के लापता होने पर परिजनों ने खोजबीन की, लेकिन जब कुछ पता नहीं चला तो बलौदा थाने में गुमशुदगी और फिर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई। तकनीकी जांच के आधार पर कार की पहचान हुई और पुलिस ने शुक्रवार सुबह हरदी बाजार के पास दंपती की कार को रोका। तलाशी के दौरान मासूम शिवांगी का शव मिला, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ एक्सीडेंट नहीं, बल्कि आपराधिक लापरवाही और अपराध छिपाने की गंभीर कोशिश है। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कर फोरेंसिक जांच जारी है और दोनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पूछताछ की जा रही है।











