निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से बढ़ रही है। शरीर में मौजूद यह फैट सामान्य मात्रा में जरूरी होता है, लेकिन जब इसका स्तर बढ़ जाता है तो दिल और ब्लड वेसल्स के साथ-साथ त्वचा पर भी असर दिखाई देने लगता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, खून में फैट बढ़ने से त्वचा की कोशिकाओं तक ऑक्सीजन और पोषण ठीक से नहीं पहुंच पाता, जिससे स्किन की चमक कम हो जाती है और कई असामान्य बदलाव नजर आने लगते हैं। इसलिए त्वचा से जुड़े संकेतों को समझना बेहद जरूरी है।
त्वचा पर दिखने वाले प्रमुख लक्षण
डॉक्टरों का कहना है कि हाई कोलेस्ट्रॉल होने पर आंखों के आसपास पीले या सफेद रंग की छोटी गांठें उभर सकती हैं, जिन्हें ज़ैंथिलाज्मा कहा जाता है। ये पलकों, कोहनी, घुटनों या एड़ियों पर भी दिखाई दे सकती हैं। इसके अलावा आंखों के किनारों पर पीली परत बनना भी चेतावनी का संकेत माना जाता है।
कुछ लोगों में त्वचा अत्यधिक रूखी और बेजान दिखने लगती है। हाथ-पैरों में झनझनाहट, रंग बदलना या घाव का देर से भरना खराब ब्लड सर्कुलेशन की ओर इशारा करता है, जो बढ़े कोलेस्ट्रॉल से जुड़ा हो सकता है।
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कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के उपाय
स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है। तले-भुने और जंक फूड से दूरी बनाना, हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और फाइबर युक्त भोजन लेना फायदेमंद होता है। नियमित वॉक, योग या हल्की एक्सरसाइज दिल और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है।
इसके साथ ही वजन नियंत्रित रखना, तनाव कम करना, धूम्रपान और शराब से बचना तथा पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है। समय-समय पर कोलेस्ट्रॉल की जांच कराना सबसे प्रभावी बचाव माना जाता है।
कब लें डॉक्टर की सलाह
यदि त्वचा पर अचानक पीले धब्बे, लगातार रूखापन, सुन्नपन या घाव भरने में देरी जैसी समस्या दिखे तो तुरंत जांच करानी चाहिए। साथ ही सीने में दर्द, सांस फूलना या चक्कर आना जैसे लक्षण नजर आएं तो देर करना खतरनाक हो सकता है।
हाई कोलेस्ट्रॉल कई बार बिना स्पष्ट लक्षणों के भी शरीर को नुकसान पहुंचाता है, इसलिए समय रहते सतर्क रहना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।











