Saturday, August 22, 2026
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Hemkanta Rathiya EMRS Charratangar : मेहनत को मिले ‘पंख’: शिक्षकों के मार्गदर्शन और जज्बे ने हेमकांता को पहुँचाया IISc बेंगलुरु, सुशासन की दिखी झलक

Hemkanta Rathiya EMRS Charratangar : गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़/घरघोड़ा: रायगढ़ जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) छर्राटांगर की मेधावी छात्रा हेमकांता राठिया ने एक बार फिर साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी परिचय या क्षेत्र की मोहताज नहीं होती। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं बोर्ड परीक्षा में पूरे प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली हेमकांता का चयन अब भारत सरकार की प्रतिष्ठित STEM (Science, Technology, Engineering, and Mathematics) पहल के तहत भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बेंगलुरु में होने वाले विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए हुआ है।

सेमी-कंडक्टर ट्रेनिंग: भविष्य की वैज्ञानिक बनने की ओर कदम

हेमकांता का चयन भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय (MoTA) द्वारा संचालित उस योजना के तहत हुआ है, जिसका लक्ष्य प्रतिभाशाली आदिवासी छात्रों को अत्याधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़ना है। बेंगलुरु के IISc जैसे संस्थान में ‘सेमी-कंडक्टर ट्रेनिंग’ लेना किसी भी छात्र के लिए एक दुर्लभ अवसर है, जो भविष्य में उन्हें शोध और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में बड़ी पहचान दिलाएगा।

कुशाग्र बुद्धि और अनुशासन की मिसाल

विद्यालय के शिक्षकों के अनुसार, हेमकांता कक्षा छठवीं में प्रवेश के समय से ही अपनी अनुशासनप्रियता और कुशाग्र बुद्धि के लिए जानी जाती रही हैं। अपनी इस सफलता का श्रेय हेमकांता ने विद्यालय के प्राचार्य श्री मनीराम जांगड़े और अपने शिक्षकों को दिया है। हेमकांता ने भावुक होकर कहा, “प्राचार्य महोदय ने हमेशा मेरी पढ़ाई-लिखाई का व्यक्तिगत रूप से ध्यान रखा, उन्हीं के अटूट विश्वास का परिणाम है कि आज मैं यहाँ तक पहुँच पाई हूँ।”

सुशासन और मार्गदर्शन का परिणाम

प्राचार्य श्री मनीराम जांगड़े ने इस गौरवशाली उपलब्धि का श्रेय जिले के प्रशासनिक और राजनीतिक नेतृत्व को दिया है। उन्होंने बताया कि:

  • माननीय सांसद श्री राधेश्याम राठिया जी और कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी जी का निरंतर प्रोत्साहन विद्यालय को मिलता रहा है।

  • सहायक आयुक्त (आदिवासी विकास) श्री श्रीकांत दुबे जी के कुशल मार्गदर्शन ने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को नई दिशा दी है।

उच्च अधिकारियों के समय-समय पर किए गए भ्रमण और दिशा-निर्देशों ने छात्रों के मनोबल को बढ़ाने में संजीवनी का काम किया है।

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