ग्वालियर: रेलवे लांड्री में खुला गंदगी का राज, बिना धोए पैक हो रहे चादर और टॉवल

Parivesh

ग्वालियर: भारतीय रेलवे जहां एसी कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए हर संभव प्रयास करता है, वहीं ग्वालियर रेलवे लांड्री से जुड़ी एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हुए रेलवे के बेडरोल — जिनमें चादर, टॉवल और पिलो कवर शामिल होते हैं — को बिना धोए ही पैक कर ट्रेनों में भेजा जा रहा है। रेलवे की यह जिम्मेदारी ग्वालियर स्टेशन परिसर में स्थित एक मैकेनाइज्ड लांड्री को सौंपी गई है, जिसका संचालन कोलकाता की एक निजी फर्म ‘ऋषि एंटरप्राइजेस’ के पास है। जब मीडिया ने लांड्री का जायजा लिया तो चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। यहां तीनों वॉशिंग मशीनें खराब पाई गईं और कर्मचारी बिना चादरें धोए सीधे उन्हें प्रेस करके बेडरोल के पैकेट तैयार कर रहे थे।

ग्वालियर: वीडियो फुटेज में यह स्पष्ट दिख रहा है कि बिना धुले हुए बेडशीट्स और टॉवल को सिर्फ इस्त्री कर सीधे पैकेट में बंद किया जा रहा है। प्रेस मशीन पर काम कर रहे कर्मचारी ने भी कैमरे के सामने यह स्वीकार किया कि कपड़े बिना धोए प्रेस किए जा रहे हैं। ये पैकेट्स ग्वालियर इंटरसिटी समेत कई अन्य ट्रेनों में एसी कोच में वितरित किए जाते हैं। इस गंभीर घोटाले को लेकर जब ग्वालियर रेलवे के सीओडी सुनील लोधी से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने खुद को बयान देने के लिए अधिकृत नहीं बताया। वहीं झांसी रेल मंडल के पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने “अवकाश पर होने” का हवाला देकर टालमटोल किया।

ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाहा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि उन्हें इसकी जानकारी अब तक नहीं थी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे झांसी रेल मंडल के डीआरएम को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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