छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक बेहद दुखद और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। जुन्नारदेव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीते सोमवार को एक महिला ने एक साथ चार नवजात बच्चों को जन्म दिया था। इस अनोखे प्रसव में तीन बच्चियां और एक बच्चा शामिल थे। परिवार में एक साथ चार नन्हें मेहमानों के आने से खुशियों का माहौल बना, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। कुछ ही समय बाद चारों नवजातों की मौत हो गई।
सातवें महीने में हुआ था प्रसव
जानकारी के अनुसार, ग्राम रोरा ढेकनी माल निवासी गर्भवती महिला गुनो पति जगर सिंह को प्रसव पीड़ा होने पर जुन्नारदेव अस्पताल लाया गया था। सोमवार देर रात करीब 11:30 बजे महिला ने चार बच्चों को जन्म दिया। डॉक्टरों के मुताबिक यह एक सुपर प्रीमैच्योर डिलीवरी थी, क्योंकि गर्भावस्था के केवल सात महीने पूरे हुए थे।
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बेहद कम वजन बना मौत की वजह
प्रसव के दौरान सबसे छोटे नवजात का वजन मात्र 380 ग्राम पाया गया, जो सामान्य वजन से बेहद कम था। कम वजन और अधूरे विकास के कारण बच्चे के फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं हो सके। इसी कारण सबसे पहले उसकी मौत हो गई। अन्य तीनों नवजातों की स्थिति भी अत्यंत गंभीर बनी रही और तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
डॉक्टरों ने बताई गंभीर स्थिति
अस्पताल प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इस तरह के अत्यधिक कम वजन और समय से पहले जन्म लेने वाले शिशुओं को जीवित रखना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। नवजातों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए गए, लेकिन उनकी नाजुक हालत के चलते सफलता नहीं मिल सकी।
परिवार और गांव में शोक
एक साथ चार नवजातों की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। गांव में भी शोक और संवेदना का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी दर्दनाक घटना लंबे समय बाद देखने को मिली है।









