Gwalior News : ग्वालियर/भूपेन्द्र भदौरिया : ग्वालियर में बच्चों के एंटीबायोटिक सिरप में कीड़े निकलने की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है,कोल्ड्रिफ् के बाद अब बच्चों को दिए जाने वाले एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसीन ओरल सस्पेंशन सिरप में कीड़े निकलने की शिकायत सिविल सर्जन से की गई है,कीड़े निकलने की सूचना मिलते ही ड्रग डिपार्टमेंट ने संज्ञान लिया है,एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसीन सिरप के वितरण पर रोक लगाते हुए सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। बता दें कि ग्वालियर के जिला अस्पताल मुरार के अधीन प्रसूति गृह अस्पताल का यह मामला है। जहां ओपीडी में एक महिला अपने बच्चे को लेकर आई थी,डॉक्टर द्वारा एजिथ्रोमाइसीन एंटीबायोटिक सिरप दवा वितरण केंद्र से दिया था।
Gwalior News : लेकिन जब उसने सिरप को खोल तो उसमें काले रंग का कीड़े की तरह दिखने बाला कोई एलिमेंट दिखा। महिला के द्वारा इसकी शिकायत सिविल सर्जन डॉ आरके शर्मा से की गई। इसके बाद बच्चों को दिए जाने बाला यह सिरप कटघरे में खड़ा हुआ। ड्रग डिपार्टमेंट ने संज्ञान लिया और ड्रग इंस्पेक्टर अनुभूति शर्मा के नेतृत्व में जांच टीम सिविल सर्जन दवा स्टोर पर पहुंची। जहां से एंटीबायोटिक ओरल सस्पेंशन सिरप एजिथ्रोमाइसीन के सैंपल कलेक्ट किए गए। ड्रग इंस्पेक्टर अनुभूति शर्मा के निर्देश पर दवा का वितरण तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
Gwalior News : इसके अलावा वितरण केंद्रों पर जो सिरप सप्लाई की गई है वहां से इसे रिकॉल कर कलेक्ट किया गया है,इस गंभीर मुद्दे से जुड़ी खबर सामने आने के बाद न सिर्फ एजिथ्रोमाइसीन के सैंपल लिए गए हैं,बल्कि कुछ अन्य दवाओं को भी जांच के दायरे में लिया गया है। अभी तक जो जानकारी सामने आई है कि भोपाल स्थित सरकारी स्टोर से यह सिरप सप्लाई किया गया था। ऐसे में बैच नंबर के आधार पर जानकारी भी जुटाई जा रही है, ताकि इस बैच के सिरप मध्य प्रदेश के जिन जिलों में सप्लाई हुए हैं वहां इनफॉरमेशन देकर उनके वितरण पर रोक लगाई जा सके। ड्रग इंस्पेक्टर अनुभूति शर्मा ने स्पष्ट कहा है कि यदि सैंपलो कि जांच में अमानक तत्व पाए जाते हैं,तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।













