गुजरात: गांधीनगर में आधी रात को अचानक भरभराकर गिरा इमारत का स्लैब! कई मजदूरों के दबे होने की आशंका

Rahul Goshwami

Gujarat Building Accident: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- गुजरात के गांधीनगर से बुधवार देर रात एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है। कुडासन इलाके के पास बोस्की द एम्पायर नाम की निर्माणाधीन इमारत का बड़ा स्लैब अचानक गिर गया। हादसे के समय वहां मजदूर काम कर रहे थे। स्लैब गिरने के बाद कई मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई।हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे। कुछ ही देर में गांधीनगर पुलिस और दमकल की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंच गईं। इसके बाद मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया।

गुजरात बिल्डिंग हादसा सामने आने के बाद बचाव दल ने बिना समय गंवाए अभियान शुरू किया। भारी मलबे को मशीनों की मदद से हटाया जा रहा है, ताकि अंदर फंसे मजदूरों तक जल्द पहुंचा जा सके।शुरुआती जानकारी में करीब 15 मजदूरों को बाहर निकाले जाने की बात सामने आई थी। वहीं बाद की जानकारी के अनुसार, बचाव अभियान में निकाले गए मजदूरों में से 12 को गांधीनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीन अन्य लोगों को गंभीर चोट नहीं होने के कारण अस्पताल से छुट्टी दिए जाने की जानकारी दी गई है।मलबे के अंदर अभी कितने लोग फंसे हो सकते हैं, इसे लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। यही वजह है कि बचाव दल लगातार मलबे के अलग-अलग हिस्सों की जांच कर रहा है।

डिप्टी CM हर्ष संघवी पहुंचे घटनास्थल
हादसे की जानकारी मिलते ही गुजरात के डिप्टी मुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से बचाव अभियान की जानकारी ली और घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया।संघवी के मुताबिक, बचाए गए लोगों में से 12 को इलाज के लिए गांधीनगर सिविल अस्पताल भेजा गया है। जिन लोगों को गंभीर चोट नहीं लगी थी, उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

क्रेन गिरने से स्लैब ढहने की आशंका
शुरुआती जानकारी में हादसे की एक संभावित वजह क्रेन से जुड़ी बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान एक क्रेन गिर गई थी। इसके बाद इमारत का बड़ा स्लैब नीचे आ गिरा।हालांकि, गुजरात बिल्डिंग हादसा किस वजह से हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि क्रेन गिरना और स्लैब ढहना सीधे तौर पर आपस में जुड़े थे या नहीं। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।
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सुरक्षा मानकों पर भी उठे सवाल
हादसे के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। निर्माण के दौरान सुरक्षा नियमों का कितना पालन किया जा रहा था, क्रेन की स्थिति कैसी थी और उसे किस तरह चलाया जा रहा था, इन सभी पहलुओं की जांच की जा सकती है।इसके अलावा इमारत के निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और काम के दौरान अपनाई गई सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की असली वजह और जिम्मेदारी तय हो पाएगी।

अभी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को निकालना
फिलहाल प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। रात के समय हुए इस हादसे के कारण बचाव दल के सामने रोशनी और भारी मलबे के बीच काम करने जैसी चुनौतियां भी हैं।इलाके में हादसे के बाद काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस और बचाव दल घटनास्थल पर मौजूद हैं और मलबा हटाने का काम लगातार जारी है। प्रशासन की ओर से बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही इस हादसे में कुल कितने लोग प्रभावित हुए और कितना नुकसान हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

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